CHAPTER 4
जैन धर्मः महावीर (जीवनी एवं शिक्षायें)
(Jainism: Mahavira - Biography and Teachings)
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जीवनी, उनके उपदेश, शिक्षाओं तथा जैन दर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
🎯 परीक्षा उपयोगिता: यह Chapter SSC, Railway, UPSSSC PET, UP Police और State PCS परीक्षाओं के लिए अति महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 1
जैन धर्म के कुल कितने तीर्थंकर हुए हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 24
📚 व्याख्या: जैन परंपरा के अनुसार जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं। प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) थे तथा 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी थे।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 2
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर कौन माने जाते हैं?
✅ सही उत्तर: (B) ऋषभदेव
📚 व्याख्या: ऋषभदेव (जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है) जैन धर्म के संस्थापक और प्रथम तीर्थंकर थे। ऋग्वेद में भी ऋषभदेव और अरिष्टनेमी का उल्लेख मिलता है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 3
भगवान महावीर जैन धर्म के कौन से तीर्थंकर थे?
✅ सही उत्तर: (C) 24वें
📚 व्याख्या: भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे। इन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक भी माना जाता है।
📌 Previous Year Question: SSC CGL 2021
प्रश्न 4
भगवान महावीर का जन्म कहाँ हुआ था?
✅ सही उत्तर: (A) कुण्डग्राम (वैशाली)
📚 व्याख्या: भगवान महावीर का जन्म लगभग 540 ईसा पूर्व वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ था। उनके पिता सिद्धार्थ ज्ञात्रुक क्षत्रिय कुल के प्रधान थे।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 5
भगवान महावीर के बचपन का नाम क्या था?
✅ सही उत्तर: (B) वर्धमान
📚 व्याख्या: भगवान महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था। 'सिद्धार्थ' उनके पिता का नाम (तथा महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम) था।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 6
भगवान महावीर के पिता सिद्धार्थ किस कुल से संबंधित थे?
✅ सही उत्तर: (B) ज्ञात्रुक क्षत्रिय कुल
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी के पिता सिद्धार्थ ज्ञात्रुक (ज्ञातृक) क्षत्रिय गणराज्य के प्रधान थे। उनकी माता त्रिशला लिच्छवी राजा चेटक की बहन थीं।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 7
भगवान महावीर की माता त्रिशला निम्नलिखित में से किसकी बहन थीं?
✅ सही उत्तर: (B) चेटक
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी की माता त्रिशला वैशाली के लिच्छवी गणराज्य के राजा चेटक की बहन थीं।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 8
भगवान महावीर की पत्नी का नाम क्या था?
✅ सही उत्तर: (A) यशोधा
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी का विवाह यशोधा नामक राजकुमारी के साथ हुआ था। उनसे उन्हें 'प्रियदर्शिनी' नामक एक पुत्री प्राप्त हुई थी।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 9
भगवान महावीर की पुत्री का नाम क्या था?
✅ सही उत्तर: (A) अनुजा प्रियदर्शिनी
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी की पुत्री का नाम अनुजा प्रियदर्शिनी था। उनका विवाह जमालि (जो महावीर के प्रथम शिष्य बने) के साथ हुआ था।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 10
भगवान महावीर ने कितने वर्ष की आयु में गृह त्याग किया था?
✅ सही उत्तर: (C) 30 वर्ष
📚 व्याख्या: अपने बड़े भाई नंदीवर्धन की अनुमति लेकर महावीर स्वामी ने 30 वर्ष की आयु में गृह त्याग किया और संन्यासी जीवन अपना लिया।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 11
भगवान महावीर को कितने वर्षों की कठोर तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्ति (कैवल्य) हुई थी?
✅ सही उत्तर: (C) 12 वर्ष
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी ने 12 वर्षों तक कठिन तपस्या और साधना की। 13वें वर्ष में उन्हें सर्वोच्च ज्ञान (कैवल्य) प्राप्त हुआ।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 12
भगवान महावीर को किस नदी के तट पर कैवल्य (ज्ञान) प्राप्त हुआ था?
✅ सही उत्तर: (B) ऋजुपालिका नदी
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी को जृंभिकग्राम के समीप ऋजुपालिका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे कैवल्य (सर्वोच्च ज्ञान) प्राप्त हुआ था।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 13
ज्ञान प्राप्ति के बाद महावीर स्वामी को क्या कहा गया?
✅ सही उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी
📚 व्याख्या: ज्ञान प्राप्ति के पश्चात महावीर 'जिन' (जिन्होंने इंद्रियों को जीत लिया), 'अर्हत' (योग्य/पूज्य), 'निर्ग्रंथ' (समस्त बंधनों से मुक्त) और 'महावीर' कहलाए।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 14
भगवान महावीर का प्रथम अनुयायी (शिष्य) कौन था?
✅ सही उत्तर: (A) जमालि
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी का प्रथम अनुयायी उनके दामाद जमालि थे, जिन्होंने बाद में महावीर से मतभेद के कारण 'बौद्धिक रद्दोबाद' (क्रियामान वाद) का सिद्धांत चलाया।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 15
प्रथम जैन भिक्षुणी कौन थी?
✅ सही उत्तर: (A) चंदना
📚 व्याख्या: चंपा के राजा दधिवाहन की पुत्री चंदना जैन संघ में सम्मिलित होने वाली प्रथम जैन भिक्षुणी (महिला) थीं।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 16
भगवान महावीर ने अपने उपदेश किस भाषा में दिए थे?
✅ सही उत्तर: (C) प्राकृत (अर्धमागधी)
📚 व्याख्या: आम जनता तक अपने विचार पहुँचाने के लिए महावीर स्वामी ने अपने उपदेश प्राकृत भाषा की एक रूप अर्धमागधी में दिए थे।
📌 Previous Year Question: UPSSSC PET 2022
प्रश्न 17
जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का संबंध किस स्थान से था?
✅ सही उत्तर: (A) वाराणसी
📚 व्याख्या: 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ काशी (वाराणसी) के इक्ष्वाकुवंशी राजा अश्वसेन के पुत्र थे। उन्हें सम्मेत शिखर पर ज्ञान प्राप्त हुआ था।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 18
भगवान महावीर ने पार्श्वनाथ के चार महाव्रतों में कौन सा पाँचवाँ महाव्रत जोड़ा था?
✅ सही उत्तर: (D) ब्रह्मचर्य
📚 व्याख्या: पार्श्वनाथ द्वारा दिए गए चार महाव्रत थे—सत्य, अहिंसा, अस्तेय और अपरिग्रह। इसमें पाँचवाँ महाव्रत 'ब्रह्मचर्य' भगवान महावीर ने जोड़ा था।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 19
जैन धर्म के 'त्रिरत्न' में निम्नलिखित में से क्या शामिल है?
✅ सही उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी
📚 व्याख्या: जैन धर्म के मोक्ष प्राप्ति के लिए तीन साधन बताए गए हैं जिन्हें त्रिरत्न कहा जाता है—सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र।
📌 Previous Year Question: UP PCS 2020
प्रश्न 20
जैन धर्म में 'अहिंसा' पर सर्वाधिक बल दिया गया है, इसका अर्थ क्या है?
✅ सही उत्तर: (A) मन, वचन और कर्म से किसी को कष्ट न पहुँचाना
📚 व्याख्या: जैन धर्म में अहिंसा को परम धर्म माना गया है। इसके अंतर्गत मन, वचन और कर्म तीनों से किसी भी जीव को चोट न पहुँचाने का विधान है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 21
जैन धर्म में 'अस्तेय' का क्या अर्थ है?
✅ सही उत्तर: (B) चोरी न करना
📚 व्याख्या: अस्तेय का शाब्दिक अर्थ है 'चोरी न करना'। बिना अनुमति के किसी की वस्तु ग्रहण न करना इसके अंतर्गत आता है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 22
जैन दर्शन में 'अपरिग्रह' का क्या अर्थ है?
✅ सही उत्तर: (A) संपत्ति या संपत्ति का संग्रह न करना
📚 व्याख्या: अपरिग्रह का अर्थ आवश्यकता से अधिक धन, संपत्ति या वस्तुओं का संचय न करना है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 23
स्यादवाद या अनेकांतवाद किस धर्म का मूल सिद्धांत है?
✅ सही उत्तर: (B) जैन धर्म
📚 व्याख्या: अनेकांतवाद (सप्तभंगी ज्ञान) और स्यादवाद जैन दर्शन के प्रमुख दार्शनिक सिद्धांत हैं, जो वस्तु की बहुधर्मी प्रकृति को समझाते हैं।
📌 Previous Year Question: IAS 2018 / UP PCS
प्रश्न 24
भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण (मृत्यु) किस वर्ष और कहाँ हुई थी?
✅ सही उत्तर: (A) 468 ईसा पूर्व, पावापुरी
📚 व्याख्या: 72 वर्ष की आयु में 468 ईसा पूर्व बिहार के पावापुरी (राजगीर के समीप) में मल्ल राजा सृस्तपाल के राजप्रसाद में महावीर स्वामी को निर्वाण प्राप्त हुआ।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 25
प्रथम जैन संगीति (सभा) का आयोजन कहाँ किया गया था?
✅ सही उत्तर: (A) पाटलिपुत्र
📚 व्याख्या: प्रथम जैन संगीति स्थूलभद्र की अध्यक्षता में तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व पाटलिपुत्र में आयोजित हुई थी, जिसमें जैन ग्रंथों का संकलन (12 अंगों) किया गया।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 26
द्वितीय जैन संगीति का आयोजन कहाँ हुआ था?
✅ सही उत्तर: (A) वल्लभी (गुजरात)
📚 व्याख्या: द्वितीय जैन संगीति छठी शताब्दी ईस्वी (लगभग 512 ई.) में गुजरात के वल्लभी में देवर्षि क्षमाश्रमण की अध्यक्षता में हुई थी।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 27
मौर्य काल में मगध में पड़े भीषण अकाल के बाद जैन धर्म कितने भागों में बँट गया था?
✅ सही उत्तर: (A) श्वेतांबर और दिगंबर
📚 व्याख्या: मगध में 12 वर्ष के अकाल के बाद भद्रबाहु के नेतृत्व में दक्षिण गए अनुयायी 'दिगंबर' (नग्न रहने वाले) कहलाए और स्थूलभद्र के साथ मगध में रुके अनुयायी 'श्वेतांबर' (श्वेत वस्त्र पहनने वाले) कहलाए।
📌 Previous Year Question: SSC CPO 2020
प्रश्न 28
श्वेतांबर संप्रदाय के संस्थापक या प्रमुख आचार्य कौन माने जाते हैं?
✅ सही उत्तर: (A) स्थूलभद्र
📚 व्याख्या: मगध में रुकने वाले जैन मुनियों का नेतृत्व स्थूलभद्र ने किया था, जो श्वेतांबर परंपरा के प्रमुख आचार्य बने।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 29
दिगंबर संप्रदाय के प्रमुख आचार्य कौन थे?
✅ सही उत्तर: (A) भद्रबाहु
📚 व्याख्या: दक्षिण भारत (कर्नाटक के श्रवणबेलगोला) जाने वाले जैन मुनियों का नेतृत्व भद्रबाहु ने किया था, जो दिगंबर संप्रदाय के प्रमुख आचार्य बने।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 30
श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में चंद्रगुप्त मौर्य ने किस जैन आचार्य से जैन धर्म की दीक्षा ली थी?
✅ सही उत्तर: (A) भद्रबाहु
📚 व्याख्या: जैन स्रोतों के अनुसार, मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य अपने जीवन के अंतिम वर्षों में राजपाट त्यागकर भद्रबाहु के साथ श्रवणबेलगोला चले गए थे और संथारा (संलेखना) विधि से प्राण त्यागे।
📌 Previous Year Question: NDA 2019
प्रश्न 31
संलेखना (या संथारा) पद्धति का संबंध किस धर्म से है?
✅ सही उत्तर: (B) जैन धर्म
📚 व्याख्या: संलेखना या संथारा जैन धर्म की एक ऐसी संन्यासी प्रथा है जिसमें व्यक्ति उपवास के माध्यम से स्वेच्छा से अपने शरीर का त्याग करता है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 32
जैन साहित्य को सामान्यतः क्या कहा जाता है?
✅ सही उत्तर: (B) आगम
📚 व्याख्या: जैन साहित्य को सामूहिक रूप से 'आगम' कहा जाता है। इसके अंतर्गत 12 अंग, 12 उपांग, 10 प्रकीर्ण आदि शामिल हैं।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 33
प्रसिद्ध जैन मंदिर 'दिलवाड़ा के जैन मंदिर' कहाँ स्थित हैं?
✅ सही उत्तर: (A) माउंट आबू (राजस्थान)
📚 व्याख्या: राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू के दिलवाड़ा जैन मंदिर अपनी उत्कृष्ट संगमरमर की नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। इनका निर्माण विमल शाह और तेजपाल ने करवाया था।
📌 Previous Year Question: SSC CHSL 2020
प्रश्न 34
हाथीगुंफा अभिलेख किस राजा से संबंधित है, जो जैन धर्म का संरक्षक था?
✅ सही उत्तर: (A) कलिंगराज खारवेल
📚 व्याख्या: कलिंग के चेदि वंश का राजा खारवेल जैन धर्म का महान संरक्षक था। उदयगिरि पहाड़ियों पर स्थित उसका 'हाथीगुंफा अभिलेख' प्राकृत भाषा में जैन धर्म के प्रभाव की पुष्टि करता है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 35
श्रवणबेलगोला में स्थित विशाल बाहुबली (गोमटेश्र्वर) की मूर्ति का निर्माण किसने करवाया था?
✅ सही उत्तर: (A) चामुण्डराय
📚 व्याख्या: कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में लगभग 57 फीट ऊँची बाहुबली (गोमटेश्वर) की एकात्मक विशाल मूर्ति का निर्माण गंग वंश के मंत्री एवं सेनापति चामुण्डराय ने 10वीं शताब्दी में करवाया था।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 36
जैन धर्म के अनुसार संसार का मूल तत्त्व क्या है?
✅ सही उत्तर: (B) जड़ (पुद्गल) और चेतन (जीव)
📚 व्याख्या: जैन दर्शन निरीश्वरवादी है। यह संसार की उत्पत्ति में ईश्वर को नहीं मानता, बल्कि इसे जीव (चेतन) और अजीव/पुद्गल (जड़) के संयोग का परिणाम मानता है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 37
जैन धर्म में कर्म फल से मुक्ति पाने के लिए किस पर बल दिया गया है?
✅ सही उत्तर: (A) तपस्या और कठोर साधना
📚 व्याख्या: जैन दर्शन के अनुसार कर्म ही जीव के बंधन का कारण है। कर्मों के आवागमन (आस्रव) को रोकने (संवर) और पूर्व कर्मों को नष्ट करने (निर्जरा) के लिए कठोर तप की आवश्यकता होती है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 38
निम्नलिखित में से कौन सा राजा जैन धर्म का अनुयायी नहीं था?
✅ सही उत्तर: (A) बिम्बिसार
📚 व्याख्या: हरक वंश का राजा बिम्बिसार बौद्ध धर्म और आजीवकों का संरक्षक था (हालांकि उसके परिवार में जैन प्रभाव भी था)। जबकि चंद्रगुप्त मौर्य, खारवेल और राष्ट्रकूट राजा अमोघवर्ष जैन धर्म के प्रमुख संरक्षक थे।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 39
जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर नेमीनाथ का प्रतीक चिह्न क्या था?
✅ सही उत्तर: (A) शंख
📚 व्याख्या: 22वें तीर्थंकर नेमीनाथ (अरिष्टनेमी) का प्रतीक चिह्न शंख था। इन्हें भगवान कृष्ण का समकालीन माना जाता है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 40
भगवान महावीर का प्रतीक चिह्न (लांछन) क्या था?
✅ सही उत्तर: (A) सिंह
📚 व्याख्या: जैन परंपरा में प्रत्येक तीर्थंकर के लिए एक विशेष प्रतीक निर्धारित है। भगवान महावीर स्वामी का प्रतीक चिह्न 'सिंह' (शेर) है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 41
खजुराहो के प्रसिद्ध जैन मंदिरों का निर्माण किस वंश के राजाओं ने करवाया था?
✅ सही उत्तर: (A) चंदेल वंश
📚 व्याख्या: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो के प्रसिद्ध पार्श्वनाथ और आदिनाथ जैन मंदिरों का निर्माण चंदेल शासकों के काल में हुआ था।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 42
जैन धर्म के अनुसार मोक्ष प्राप्त करने के बाद जीव को क्या प्राप्त होता है?
✅ सही उत्तर: (A) अनंत चतुष्टय (अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन, अनंत वीरेंद्र/वीर्य, अनंत सुख)
📚 व्याख्या: जैन धर्म में जब जीव सभी कर्म बंधनों से मुक्त हो जाता है, तो उसे 'अनंत चतुष्टय' (अनंत दर्शन, अनंत ज्ञान, अनंत वीर्य और अनंत सुख) की प्राप्ति होती है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 43
मखलि गोशाल द्वारा स्थापित 'आजीवक संप्रदाय' का महावीर स्वामी के साथ क्या संबंध था?
✅ सही उत्तर: (A) वे पहले महावीर के शिष्य थे, बाद में मतभेद हो गया
📚 व्याख्या: मखलि गोशाल प्रारंभ में महावीर स्वामी के शिष्य रहे थे, किंतु बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने अलग होकर 'नियतवाद' (भाग्य प्रधान) आजीवक संप्रदाय की स्थापना की।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 44
जैन ग्रंथ 'कल्पसूत्र' के रचयिता कौन हैं?
✅ सही उत्तर: (A) भद्रबाहु
📚 व्याख्या: संस्कृत में रचित 'कल्पसूत्र' जैन धर्म का अति महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसकी रचना भद्रबाहु ने की थी। इसमें जैन तीर्थंकरों की जीवनचर्या का वर्णन है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 45
गिरनार पर्वत पर स्थित नेमिनाथ का जैन मंदिर किस राज्य में स्थित है?
✅ सही उत्तर: (A) गुजरात
📚 व्याख्या: जूनागढ़, गुजरात के पास स्थित गिरनार पर्वत जैन धर्म का एक प्रमुख पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ से संबंधित प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 46
जैन धर्म के किस अंग में भिक्षुओं के आचार-नियमों का उल्लेख मिलता है?
✅ सही उत्तर: (A) आचारांग सूत्र
📚 व्याख्या: 'आचारांग सूत्र' जैन आगमों में सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है, जिसमें जैन भिक्षुओं के आचार-व्यवहार और नियमों का विस्तृत संकलन है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 47
भगवान महावीर के निर्वाण के पश्चात जैन संघ का प्रथम थेर (अध्यक्ष) कौन बना?
✅ सही उत्तर: (A) सुधर्मन
📚 व्याख्या: महावीर स्वामी के 11 प्रमुख शिष्यों (गणधरों) में से एकमात्र सुधर्मन ही जीवित रहे थे। महावीर की मृत्यु के बाद वे जैन संघ के प्रथम थेर (प्रमुख) बने।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 48
निम्नलिखित में से कौन सा स्थान जैन धर्म से संबंधित 'सम्मेत शिखर' के रूप में प्रसिद्ध है?
✅ सही उत्तर: (A) पारसनाथ पहाड़ी (झारखंड)
📚 व्याख्या: झारखंड में स्थित पारसनाथ पहाड़ी को 'सम्मेत शिखर' कहा जाता है। जैन मान्यता के अनुसार 24 में से 20 तीर्थंकरों ने यहीं से निर्वाण प्राप्त किया था।
📌 Previous Year Question: UP PCS 2017
प्रश्न 49
जैन दर्शन में 'स्यादवाद' को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
✅ सही उत्तर: (A) सप्तभंगी ज्ञान
📚 व्याख्या: स्यादवाद को 'सप्तभंगी ज्ञान' या 'अनेकांतवाद' भी कहा जाता है, जिसके अनुसार किसी भी वस्तु या सत्य के अनेक पहलू होते हैं और प्रत्येक कथन सापेक्ष होता है।
🎯 Exam-Oriented Important Question
प्रश्न 50
प्राचीन भारत में जैन धर्म के प्रचार-प्रसार का मुख्य कारण क्या था?
✅ सही उत्तर: (A) सरल भाषा (प्राकृत) का प्रयोग और वर्ण व्यवस्था की कठोरता का विरोध
📚 व्याख्या: जैन धर्म ने आम जनता की भाषा (प्राकृत) में उपदेश दिए, जाति-पाँति और जटिल वैदिक कर्मकांडों का विरोध किया, जिससे व्यापारियों और आम जनता ने इसे तेजी से अपनाया।
🎯 Exam-Oriented Important Question
🎉 Chapter Completed
Total Questions: 50 | Revision Ready for Competitive Exams
⭐ Quick Revision – 10 महत्वपूर्ण One-Liner Facts
- प्रथम तीर्थंकर: ऋषभदेव (आदिनाथ)
- अंतिम व 24वें तीर्थंकर: भगवान महावीर स्वामी
- जन्म: कुण्डग्राम (वैशाली), लगभग 540 ईसा पूर्व
- बचपन का नाम: वर्धमान
- ज्ञान प्राप्ति (कैवल्य): ऋजुपालिका नदी के तट पर, साल वृक्ष के नीचे
- प्रथम उपदेश की भाषा: प्राकृत (अर्धमागधी)
- पंचमहाव्रत में जोड़ा गया व्रत: ब्रह्मचर्य (महावीर द्वारा)
- त्रिरत्न: सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र
- महापरिनिर्वाण: 468 ईसा पूर्व, पावापुरी (बिहार)
- प्रमुख संप्रदाय: श्वेतांबर (स्थूलभद्र) और दिगंबर (भद्रबाहु)