ॐ श्री श्याम देवाय नम:
Latest Government Jobs & Updates
Saturday, 17 Oct 2026
Logo
Sarkari Result Education Government Jobs • Results • Admit Card
Type to search...

साझेदारी Partnership Notes, Formula & Tricks

📚 साझेदारी (Partnership) — Complete Master Notes

SUBJECT: Mathematics

CHAPTER: साझेदारी (Partnership)

स्तर: Basic → Intermediate → Advanced

Target: SSC, Railway, Banking, Defence, Police, State और अन्य Competitive Government Exams में जहाँ Arithmetic/Quantitative Aptitude लागू हो।

📌 आधिकारिक Evidence Note:
SSC CGL के आधिकारिक syllabus में “Partnership Business” Quantitative Aptitude/Mathematical Abilities के अंतर्गत स्पष्ट रूप से दिया गया है। SSC CHSL तथा SSC CPO के आधिकारिक notices में भी Partnership Business स्पष्ट रूप से syllabus में शामिल है। अन्य परीक्षाओं में chapter-level official evidence परीक्षा-दर-परीक्षा अलग हो सकता है; इसलिए केवल Quantitative Aptitude होने के आधार पर किसी परीक्षा को Direct नहीं माना गया है।

1. Chapter Overview

साझेदारी क्या है?

जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी व्यापार में धन लगाकर व्यापार करते हैं और व्यापार से होने वाले लाभ या हानि को निर्धारित नियम के अनुसार बाँटते हैं, तो इसे साझेदारी (Partnership) कहते हैं।

साझेदारी के प्रश्नों का सबसे महत्वपूर्ण आधार है:

लाभ : लाभ = पूँजी × समय : पूँजी × समय

अर्थात सामान्य साझेदारी में केवल पूँजी देखना पर्याप्त नहीं है। यदि साझेदारों ने अलग-अलग समय तक धन लगाया है, तो पूँजी × समय को ध्यान में रखना होगा।

मुख्य आधार
Capital × Time
लाभ अनुपात
Capital × Time के अनुपात में
मुख्य Trap
समय को महीनों में समान इकाई में रखें
Advanced
Changing Capital
🔥 परीक्षा महत्व:
SSC CGL, SSC CHSL और SSC CPO के official syllabus में Partnership Business स्पष्ट रूप से शामिल है। इसलिए SSC-oriented preparation में यह अध्याय Quantitative Aptitude का महत्वपूर्ण Arithmetic topic है। 1

2. Exam Applicability Map

Exam Category Exam Relevance Official Syllabus Evidence PYQ Evidence Typical Level Pattern
SSC SSC CGL 🟢 Direct Partnership Business स्पष्ट रूप से listed इस page में individual PYQ को बिना primary verification के Verified PYQ नहीं कहा गया Basic–Advanced Capital, Time, Profit, बदलती पूँजी
SSC SSC CHSL 🟢 Direct Partnership Business स्पष्ट रूप से listed Individual PYQ verification इस page में नहीं किया गया Basic–Intermediate Capital-Time-Profit
SSC SSC CPO 🟢 Direct Partnership Business स्पष्ट रूप से listed Individual PYQ verification उपलब्ध नहीं Basic–Intermediate Arithmetic application
SSC MTS / GD / अन्य 🟠 Limited/Indirect इस page के लिए chapter-level current official evidence पर्याप्त रूप से verify नहीं Verified PYQ claim नहीं Basic Exam-specific notification देखें
Railway RRB NTPC / Group D आदि 🟠 Limited/Indirect Chapter-level “Partnership Business” का स्पष्ट official evidence इस research pass में verify नहीं Verified PYQ claim नहीं Basic–Intermediate Arithmetic/ratio आधारित प्रश्न संभव हो सकते हैं, पर Direct syllabus claim नहीं
Banking IBPS / SBI आदि 🟡 Related Official notifications में Numerical Ability/Quantitative Aptitude sections मिलते हैं; chapter-level Partnership listing इस research pass में verify नहीं Individual official PYQ evidence नहीं Intermediate Arithmetic + ratio based
UPSC CSE/CSAT आदि 🟠 Limited/Indirect इस chapter का Direct official listing verify नहीं Verified PYQ claim नहीं Varies CSAT syllabus के व्यापक quantitative nature के संदर्भ में ही देखें
Defence / Police / State विभिन्न भर्ती परीक्षाएँ 🟡 Related Exam-specific notification पर निर्भर Exam-specific verification आवश्यक Basic–Intermediate Arithmetic aptitude होने पर उपयोगी
Technical / Medical / Research / Judiciary आदि Post-specific exams 🔴 Not Directly Established इस chapter के लिए सामान्य Direct claim नहीं नहीं Varies Specific notification देखें
⚠️ सावधानी: किसी परीक्षा में Quantitative Aptitude या Numerical Ability होना अपने-आप “Partnership” को official syllabus में शामिल सिद्ध नहीं करता। Official notification/syllabus को अंतिम authority मानें।

3. Basic Concepts

3.1 साझेदार (Partner)

व्यापार में पूँजी लगाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को साझेदार कहते हैं।

3.2 पूँजी (Capital)

व्यापार में लगाया गया धन पूँजी कहलाता है।

3.3 लाभ (Profit)

व्यापार से प्राप्त कुल आय और कुल लागत के अंतर को लाभ कहा जाता है।

3.4 हानि (Loss)

जब कुल लागत आय से अधिक हो जाए तो अंतर हानि कहलाता है।

3.5 समय (Time)

जिस अवधि तक किसी साझेदार की पूँजी व्यापार में लगी रहती है, वह उस साझेदार का निवेश समय है।

✍️ याद रखें:
साझेदारी में लाभ बाँटने का सबसे महत्वपूर्ण नियम है:

लाभ का अनुपात = पूँजी × समय का अनुपात

4. Important Definitions

Term अर्थ
साधारण साझेदारी सभी साझेदारों की पूँजी और समय स्थिर रहते हैं।
मिश्रित/जटिल साझेदारी पूँजी, समय या दोनों में परिवर्तन होने पर बनने वाली जटिल स्थिति।
पूँजी अनुपात साझेदारों द्वारा लगाई गई पूँजी का अनुपात।
समय अनुपात पूँजी के व्यापार में लगे रहने की अवधि का अनुपात।
कार्यरत साझेदार वह साझेदार जो व्यापार में सक्रिय रूप से कार्य करता है।
निष्क्रिय साझेदार वह साझेदार जो पूँजी लगाता है लेकिन दैनिक संचालन में सक्रिय भूमिका नहीं निभाता।
लाभांश कुल लाभ में किसी साझेदार का हिस्सा।
परिवर्तित पूँजी वह स्थिति जिसमें किसी साझेदार की पूँजी समय के साथ बढ़ती या घटती है।

5. Complete Concepts

5.1 साधारण साझेदारी

यदि A और B ने क्रमशः ₹20,000 और ₹30,000 पूरे वर्ष लगाए, तो:

लाभ अनुपात = 20,000 × 1 : 30,000 × 1 = 2 : 3

अतः कुल लाभ को 2 : 3 में बाँटा जाएगा।

5.2 पूँजी समान, समय अलग

यदि दोनों की पूँजी समान है लेकिन समय अलग है, तो लाभ का अनुपात सीधे समय के अनुपात के बराबर होगा।

यदि Capital समान है → Profit Ratio = Time Ratio

5.3 समय समान, पूँजी अलग

यदि सभी साझेदारों ने समान समय तक धन लगाया है, तो लाभ का अनुपात पूँजी के अनुपात के बराबर होगा।

यदि Time समान है → Profit Ratio = Capital Ratio

5.4 पूँजी और समय दोनों अलग

A का लाभ : B का लाभ = A की पूँजी × A का समय : B की पूँजी × B का समय

5.5 लाभ का वितरण

मान लें A और B का profit ratio 3 : 2 है और कुल लाभ ₹25,000 है।

कुल भाग = 3 + 2 = 5 A का लाभ = 25,000 × 3/5 = ₹15,000 B का लाभ = 25,000 × 2/5 = ₹10,000

5.6 यदि कुल लाभ ज्ञात नहीं हो

कभी-कभी प्रश्न में एक साझेदार का लाभ दिया होता है और दूसरे का लाभ पूछते हैं। ऐसे में केवल ratio का प्रयोग करें।

A का लाभ / B का लाभ = A का Capital×Time / B का Capital×Time

5.7 नया साझेदार आने पर

यदि नया साझेदार कुछ समय बाद व्यापार में शामिल होता है, तो उसके द्वारा निवेश किए गए समय को अलग से लिया जाएगा।

पुराने साझेदारों की पुरानी पूँजी × उनका पूरा निवेश समय और नए साझेदार की पूँजी × उसके वास्तविक निवेश समय की तुलना की जाती है।

5.8 साझेदार का पूँजी निकालना

यदि कोई साझेदार बीच में अपनी पूँजी का कुछ भाग निकाल लेता है, तो पूरी अवधि के लिए उसकी मूल पूँजी नहीं लगाई जा सकती। अलग-अलग समय-अवधियों के लिए अलग पूँजी लेकर Capital × Time निकाला जाता है।

5.9 कार्यरत/सक्रिय साझेदार

यदि कोई साझेदार व्यापार में सक्रिय रूप से कार्य करता है और उसे salary/commission दिया जाना प्रश्न में स्पष्ट रूप से कहा गया है, तो पहले उस salary/commission को कुल लाभ से अलग किया जाता है और शेष लाभ को साझेदारी अनुपात में बाँटा जाता है।

⚠️ महत्वपूर्ण: केवल “A active partner है” लिखे होने से अपने-आप कोई निश्चित salary नहीं माननी चाहिए। Salary/commission की राशि या उसका नियम प्रश्न में दिया होना चाहिए।

6. Important Rules

Rule 1 — मूल नियम

Profit Ratio = Capital × Time

Rule 2 — समान समय

Profit Ratio = Capital Ratio

Rule 3 — समान पूँजी

Profit Ratio = Time Ratio

Rule 4 — समय की इकाई

सभी साझेदारों के समय को एक ही unit में रखें। जैसे सभी को months में या सभी को years में।

Rule 5 — बदलती पूँजी

हर अवधि की पूँजी अलग लेकर उसका समय से गुणा करें और सभी products को जोड़ें।

Rule 6 — कुल लाभ

कुल लाभ को profit ratio के कुल parts में बाँटकर प्रत्येक साझेदार का हिस्सा निकालें।

Rule 7 — Salary/Commission

यदि प्रश्न में स्पष्ट रूप से दिया है, तो salary/commission का adjustment करने के बाद शेष लाभ बाँटें।

7. Formula Section

Formula 1 — सामान्य साझेदारी

A : B का लाभ = (A की पूँजी × A का समय) : (B की पूँजी × B का समय)

Formula 2 — तीन साझेदार

A : B : C = C₁T₁ : C₂T₂ : C₃T₃

Formula 3 — कुल लाभ से हिस्सा

व्यक्ति का लाभ = कुल लाभ × व्यक्ति का भाग / कुल भाग

Formula 4 — ज्ञात लाभ से अज्ञात लाभ

अज्ञात लाभ = ज्ञात लाभ × (अज्ञात का Capital×Time)/(ज्ञात का Capital×Time)

Formula 5 — बदलती पूँजी

Effective Capital-Time = C₁T₁ + C₂T₂ + C₃T₃ + ...

Formula 6 — Active Partner Salary

वितरण योग्य लाभ = कुल लाभ − निर्धारित Salary/Commission
📌 शर्त: Salary/commission तभी घटाएँ जब प्रश्न में उसका स्पष्ट प्रावधान दिया गया हो।

8. Shortcuts & Tricks

⚡ Trick 1 — Capital × Time सीधे लिखें
लंबी कहानी पढ़कर तुरंत ratio निकालने के बजाय प्रत्येक साझेदार के सामने:
Capital × Time
लिखें। इससे गलती कम होती है।
⚡ Trick 2 — समान समय हो तो Time हटाएँ
यदि सभी ने समान समय तक निवेश किया है तो सीधे Capital Ratio = Profit Ratio।
⚡ Trick 3 — समान पूँजी हो तो Capital हटाएँ
यदि सभी की पूँजी समान है तो सीधे Time Ratio = Profit Ratio।
⚡ Trick 4 — महीनों को समान unit में बदलें
1 वर्ष = 12 महीने।
यदि एक व्यक्ति ने 1 वर्ष और दूसरा 8 महीने निवेश किया है तो ratio में 12 : 8 लें।
⚡ Trick 5 — Changing Capital में Periods बनाएं
“पहले 4 महीने ₹20,000 और अगले 8 महीने ₹30,000” को एक ही capital न मानें।
⚠️ Trick कब न लगाएँ?
यदि capital बदल रही है, salary/commission है, partner बीच में आया/गया है या कई adjustment हैं, तो केवल simple Capital Ratio लगाना गलत होगा।

9. Solved Examples

🟢 Example 1 — साधारण साझेदारी

प्रश्न: A ने ₹20,000 और B ने ₹30,000 एक वर्ष के लिए लगाए। कुल लाभ ₹25,000 है। A का लाभ कितना होगा?

A : B = 20,000 : 30,000 = 2 : 3

A का लाभ = 25,000 × 2/5 = ₹10,000
उत्तर: ₹10,000

Concept: समान समय → Capital Ratio

🟢 Example 2 — समय अलग

प्रश्न: A ने ₹30,000 को 12 महीने और B ने ₹20,000 को 9 महीने लगाया। लाभ का अनुपात क्या होगा?

A = 30,000 × 12 = 360,000 B = 20,000 × 9 = 180,000 Ratio = 360,000 : 180,000 = 2 : 1
उत्तर: 2 : 1

🟡 Example 3 — तीन साझेदार

प्रश्न: A, B और C ने क्रमशः ₹10,000, ₹15,000 और ₹20,000 पूरे 1 वर्ष के लिए लगाए। कुल लाभ ₹45,000 है। C का लाभ कितना होगा?

Ratio = 10,000 : 15,000 : 20,000 = 2 : 3 : 4 Total Parts = 9 C = 45,000 × 4/9 = ₹20,000
उत्तर: ₹20,000

🟡 Example 4 — समान पूँजी, अलग समय

प्रश्न: A और B ने ₹40,000-₹40,000 लगाए। A ने 12 महीने और B ने 8 महीने तक धन लगाया। लाभ अनुपात ज्ञात करें।

A : B = 40,000×12 : 40,000×8 = 12 : 8 = 3 : 2
उत्तर: 3 : 2

🟡 Example 5 — एक साझेदार का लाभ दिया है

प्रश्न: A और B की पूँजी क्रमशः ₹40,000 और ₹60,000 है तथा दोनों ने समान समय तक निवेश किया। यदि A का लाभ ₹12,000 है, तो B का लाभ कितना होगा?

A : B = 40,000 : 60,000 = 2 : 3 B = 12,000 × 3/2 = ₹18,000
उत्तर: ₹18,000

🟠 Example 6 — नया साझेदार

प्रश्न: A ने ₹50,000 पूरे 12 महीने लगाए। B ने ₹40,000 पूरे 12 महीने लगाए। C ने ₹60,000 केवल 6 महीने लगाए। लाभ अनुपात ज्ञात करें।

A = 50,000×12 = 600,000 B = 40,000×12 = 480,000 C = 60,000×6 = 360,000 Ratio = 600 : 480 : 360 = 5 : 4 : 3
उत्तर: 5 : 4 : 3

🟠 Example 7 — Capital Change

प्रश्न: A ने पहले 4 महीने ₹60,000 और अगले 8 महीने ₹90,000 लगाए। A का effective Capital-Time कितना होगा?

= 60,000×4 + 90,000×8 = 240,000 + 720,000 = 960,000
उत्तर: 9,60,000 Capital-Month Units

🔴 Example 8 — Active Partner

प्रश्न: कुल लाभ ₹50,000 है। A को प्रश्नानुसार ₹10,000 salary मिलती है। शेष लाभ A और B में 2 : 3 के अनुपात में बाँटा जाना है। दोनों को कुल कितना मिलेगा?

शेष लाभ = 50,000 − 10,000 = 40,000 A का हिस्सा = 40,000×2/5 = 16,000 B का हिस्सा = 40,000×3/5 = 24,000 A की कुल प्राप्ति = 10,000 + 16,000 = ₹26,000
उत्तर: A = ₹26,000, B = ₹24,000

10. PYQ Master Section

⚠️ Verified PYQ स्थिति:
इस consolidated page के लिए जिन individual question papers/official answer keys की प्राथमिक स्रोत से पर्याप्त पुष्टि उपलब्ध नहीं है, उन्हें वास्तविक PYQ के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। इसलिए नीचे दिए प्रश्न “PYQ Pattern Based Important Questions” हैं, Verified PYQ नहीं।
📝 PYQ Pattern Based Question 1
A और B की पूँजी का अनुपात 3:5 है और दोनों समान समय तक निवेश करते हैं। लाभ का अनुपात क्या होगा?

उत्तर: 3:5
📝 PYQ Pattern Based Question 2
A ने ₹20,000 को 12 महीने और B ने ₹30,000 को 8 महीने लगाया। लाभ अनुपात?

A:B = 20,000×12 : 30,000×8 = 240:240 = 1:1
📝 PYQ Pattern Based Question 3
A और B की पूँजी समान है। A ने 10 महीने और B ने 15 महीने निवेश किया। लाभ अनुपात?

उत्तर: 2:3

11. PYQ Pattern Analysis

Official syllabus evidence से यह स्पष्ट है कि SSC के कुछ प्रमुख examinations में Partnership Business Arithmetic syllabus का हिस्सा है। 2

इस page में बिना verified individual papers के किसी specific question type को “बार-बार आया” जैसी frequency claim नहीं दी जा रही है। तैयारी के लिए निम्न concept families को मजबूत रखना उपयोगी है:

  1. Capital Ratio
  2. Capital × Time
  3. Profit Distribution
  4. Different Investment Periods
  5. New Partner
  6. Capital Withdrawal
  7. Changing Capital
  8. Active Partner Salary/Commission

12. Practice Questions

Q1. A और B ने ₹20,000 और ₹30,000 समान समय के लिए लगाए। लाभ अनुपात क्या होगा?
A) 1:2
B) 2:3
C) 3:2
D) 4:5
Q2. A ने ₹40,000 को 12 महीने और B ने ₹30,000 को 8 महीने लगाया। लाभ अनुपात क्या होगा?
A) 1:1
B) 2:1
C) 3:2
D) 4:3
Q3. A, B, C की पूँजी क्रमशः ₹10,000, ₹20,000 और ₹30,000 है तथा समय समान है। कुल लाभ ₹60,000 हो तो B का हिस्सा?
A) ₹10,000
B) ₹15,000
C) ₹20,000
D) ₹25,000
Q4. A ने ₹50,000 को 8 महीने और B ने ₹40,000 को 10 महीने लगाया। लाभ अनुपात?
A) 1:1
B) 4:5
C) 5:4
D) 2:3
Q5. A और B का लाभ अनुपात 3:5 है। यदि कुल लाभ ₹32,000 है, A का लाभ कितना होगा?
A) ₹10,000
B) ₹12,000
C) ₹15,000
D) ₹20,000
Q6. A ने ₹60,000 पूरे 12 महीने और B ने ₹80,000 केवल 9 महीने लगाए। लाभ अनुपात?
A) 1:1
B) 2:1
C) 1:2
D) 3:2
Q7. A ने ₹30,000 को 12 महीने लगाया। B ने ₹20,000 को 6 महीने लगाया। कुल लाभ ₹15,000 है। A का लाभ?
A) ₹5,000
B) ₹7,500
C) ₹10,000
D) ₹12,000
Q8. A की capital पहले 6 महीने ₹20,000 और अगले 6 महीने ₹40,000 रही। उसका effective Capital-Time कितना है?
A) 2,40,000
B) 3,60,000
C) 4,80,000
D) 6,00,000
Q9. A और B समान पूँजी लगाते हैं। A 12 महीने और B 4 महीने निवेश करता है। लाभ अनुपात?
A) 1:3
B) 2:1
C) 3:1
D) 4:3
Q10. A और B का profit ratio 4:3 है। कुल लाभ ₹28,000 है। B का लाभ?
A) ₹10,000
B) ₹12,000
C) ₹14,000
D) ₹16,000

Answer Key

Q उत्तर
1 B
2 A
3 C
4 A
5 B
6 A
7 C
8 B
9 C
10 B

Detailed Solutions

Q1: 20,000:30,000 = 2:3 → B
Q2: A = 40,000×12 = 480,000; B = 30,000×8 = 240,000. Ratio = 2:1. अतः A.
Q3: Ratio = 1:2:3. Total parts = 6. B = 60,000×2/6 = ₹20,000 → C.
Q4: A = 50,000×8 = 400,000; B = 40,000×10 = 400,000. Ratio = 1:1 → A.
Q5: A = 32,000×3/8 = ₹12,000 → B.
Q6: A = 60,000×12 = 720,000; B = 80,000×9 = 720,000. Ratio = 1:1 → A.
Q7: A = 30,000×12 = 360,000; B = 20,000×6 = 120,000. Ratio = 3:1. A = 15,000×3/4 = ₹11,250.
⚠️ Q7 Accuracy Audit: ऊपर दिए options में ₹11,250 उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह question valid MCQ नहीं है। इसे वास्तविक practice MCQ के रूप में उपयोग न करें। Correct answer ₹11,250 है। Accuracy protocol के अनुसार इसे नीचे corrected form में दिया गया है।
🎯 Q7 Corrected Version:
A ने ₹30,000 को 12 महीने और B ने ₹20,000 को 6 महीने लगाया। कुल लाभ ₹15,000 है। A का लाभ कितना होगा?
A) ₹9,000
B) ₹10,000
C) ₹11,250
D) ₹12,500
Correct Answer: C — ₹11,250
Q8: 20,000×6 + 40,000×6 = 120,000 + 240,000 = 360,000 → B.
Q9: समान capital → profit ratio = time ratio = 12:4 = 3:1 → C.
Q10: B = 28,000×3/7 = ₹12,000 → B.

13. Concept Based Questions

Q1. यदि दो साझेदारों की पूँजी समान है लेकिन एक की investment duration तीन गुना है, तो लाभ ratio क्या होगा?
उत्तर: 3:1
Q2. क्या केवल अधिक capital लगाने वाला partner हमेशा अधिक profit पाएगा?
उत्तर: नहीं। समय भी अलग हो सकता है। सही आधार Capital × Time है।
Q3. यदि capital ratio 2:3 है लेकिन पहला partner 12 महीने और दूसरा 8 महीने निवेश करता है, क्या profit ratio 2:3 होगा?
उत्तर: नहीं। Profit ratio = 2×12 : 3×8 = 24:24 = 1:1.
Q4. क्या active partner को salary हमेशा मिलेगी?
उत्तर: नहीं। Salary/commission प्रश्न में स्पष्ट रूप से निर्धारित होना चाहिए।

14. Advanced Level

14.1 Changing Capital — Multi-Period Method

यदि capital कई बार बदलती है तो प्रत्येक अवधि अलग करें।

अवधि Capital Time Capital × Time
पहली अवधि C₁ T₁ C₁T₁
दूसरी अवधि C₂ T₂ C₂T₂
तीसरी अवधि C₃ T₃ C₃T₃
Effective Investment = Σ(Capital × Time)

14.2 Capital Addition

यदि किसी साझेदार ने वर्ष के बीच में अतिरिक्त पूँजी लगाई, तो अतिरिक्त capital केवल उस अवधि के लिए count होगी जिसमें वह वास्तव में व्यापार में लगी रही।

14.3 Capital Withdrawal

यदि कुछ पूँजी वापस निकाल ली गई, तो withdrawal के बाद बची हुई capital को नई अवधि के लिए लिया जाएगा।

14.4 Active Partner + Profit Sharing

यदि active partner को salary दी गई है:

कुल लाभ → Salary/Commission adjustment → शेष लाभ → Capital × Time ratio → Final individual share

14.5 Advanced Trap

यदि प्रश्न में “A ने ₹50,000 लगाया” और बाद में “₹10,000 निकाल लिए” लिखा है, तो पूरे वर्ष ₹50,000 नहीं माना जाएगा। Withdrawal के बाद capital ₹40,000 होगी।

Advanced Example

प्रश्न: A ने ₹60,000 पूरे 12 महीने लगाए। B ने ₹50,000 लगाए लेकिन 4 महीने बाद ₹10,000 और लगा दिए। B की effective investment कितनी होगी?

पहले 4 महीने: 50,000 × 4 = 200,000 अगले 8 महीने: 60,000 × 8 = 480,000 Total = 680,000
उत्तर: B का effective Capital-Time = 6,80,000

15. Common Mistakes

❌ गलती: केवल capital ratio से profit निकालना, जबकि time अलग है।
✅ सही: Capital × Time करें।
❌ गलती: 1 वर्ष और 6 महीने को 1:6 मान लेना।
✅ सही: 12 महीने : 6 महीने = 2:1.
❌ गलती: New Partner को पूरे वर्ष की capital मान लेना।
✅ सही: जितने समय तक capital लगी है उतना ही समय लें।
❌ गलती: Active Partner को अपनी तरफ से salary दे देना।
✅ सही: Salary तभी लें जब question में स्पष्ट हो।
❌ गलती: Changing Capital में average capital का अनुमान लगाना।
✅ सही: प्रत्येक अवधि का Capital × Time निकालें।
❌ गलती: Profit ratio को actual profit समझ लेना।
✅ सही: Ratio को total profit से multiply करके actual share निकालें।

16. Exam-Wise Strategy

SSC CGL — Direct

  • Capital × Time rule पूरी तरह मजबूत करें।
  • Profit distribution पर प्रश्न करें।
  • Different investment periods का अभ्यास करें।
  • Changing capital और partner admission/withdrawal समझें।
  • Question में months/years की unit को तुरंत standardize करें।

SSC CGL के official 2025 notice में Partnership Business स्पष्ट रूप से Quantitative Aptitude/Mathematical Abilities में दिया गया है। 3

SSC CHSL — Direct

Official CHSL syllabus में Partnership Business स्पष्ट रूप से listed है। Basic और intermediate arithmetic questions के लिए Capital-Time-Profit framework मजबूत रखें। 4

SSC CPO — Direct

SSC CPO 2025 official notice में Partnership Business Quantitative Aptitude syllabus में स्पष्ट रूप से दिया गया है। 5

  • Ratio आधारित calculation तेज करें।
  • Time conversion में गलती न करें।
  • Multi-step arithmetic का अभ्यास करें।

Banking — Related

IBPS की official notifications में Quantitative/Numerical Ability sections हैं, लेकिन इस research pass में Partnership को chapter-level official syllabus item के रूप में verify नहीं किया गया। इसलिए इसे Direct official claim नहीं माना गया है। 6

Railway — Limited/Indirect

Railway में arithmetic preparation उपयोगी हो सकती है, लेकिन इस page के लिए Partnership का current chapter-level official listing पर्याप्त रूप से verify नहीं किया गया। इसलिए इसे Direct नहीं कहा गया है।

17. Quick Revision

🏆 30-Second Revision

1. Partnership का मूल नियम:

Profit Ratio = Capital × Time

2. समान समय:

Profit Ratio = Capital Ratio

3. समान पूँजी:

Profit Ratio = Time Ratio

4. कुल लाभ:

Individual Profit = Total Profit × Individual Part / Total Parts

5. Changing Capital:

Effective Investment = Σ(Capital × Time)

6. समय हमेशा एक ही unit में रखें।

7. Active partner salary तभी लें जब प्रश्न में स्पष्ट हो।

8. नया partner पूरे वर्ष का partner नहीं माना जाएगा यदि वह बाद में आया है।

18. Final Revision Box

🏆 GOLDEN RULES

  • लाभ बाँटने का आधार = Capital × Time
  • समान समय → Capital Ratio
  • समान Capital → Time Ratio
  • Changing Capital → अलग-अलग periods
  • New Partner → केवल वास्तविक investment period
  • Withdrawal → withdrawal के बाद नई capital
  • Salary/Commission → केवल question की condition के अनुसार

⚡ TOP TRICK

हर Partnership question में पहले एक छोटी table बनाएं:

Partner Capital Time Capital × Time
A ... ... ...
B ... ... ...
C ... ... ...

फिर अंतिम column का ratio निकालें। यह तरीका calculation errors को काफी कम करता है।

🔥 SSC Exam Focus

SSC CGL, CHSL और CPO के official syllabus में Partnership Business की स्पष्ट उपस्थिति के कारण SSC तैयारी में इस chapter के core areas को अच्छी तरह तैयार करें। 7

📝 PYQ Verification Rule

किसी question को केवल इसलिए “SSC PYQ” न लिखें क्योंकि वह coaching books या websites पर PYQ के नाम से उपलब्ध है। Exam, year, shift/paper और reliable primary evidence उपलब्ध होने पर ही उसे Verified PYQ label दें। अन्यथा “PYQ Pattern Based Important Question” लिखें।

📚 Research & Evidence Status

  • SSC CGL: Partnership Business — official syllabus evidence verified.
  • SSC CHSL: Partnership Business — official syllabus evidence verified.
  • SSC CPO: Partnership Business — official syllabus evidence verified.
  • Banking: Quantitative/Numerical sections verified, लेकिन Partnership का chapter-level official evidence इस page के research pass में स्थापित नहीं।
  • Railway: Partnership का chapter-level Direct official evidence इस page के research pass में स्थापित नहीं।
  • Individual historical PYQs: पर्याप्त primary verification के बिना Verified PYQ के रूप में प्रस्तुत नहीं किए गए।
📌 अंतिम संदेश:
साझेदारी के लगभग सभी numerical questions का मूल ढाँचा Capital × Time है। पहले ratio बनाइए, फिर total profit को parts में बाँटिए। Advanced questions में periods अलग करके effective investment निकालना सबसे सुरक्षित तरीका है।
Share this post with your friends: