📚 साझेदारी (Partnership) — Complete Master Notes
SUBJECT: Mathematics
CHAPTER: साझेदारी (Partnership)
स्तर: Basic → Intermediate → Advanced
Target: SSC, Railway, Banking, Defence, Police, State और अन्य Competitive Government Exams में जहाँ Arithmetic/Quantitative Aptitude लागू हो।
SSC CGL के आधिकारिक syllabus में “Partnership Business” Quantitative Aptitude/Mathematical Abilities के अंतर्गत स्पष्ट रूप से दिया गया है। SSC CHSL तथा SSC CPO के आधिकारिक notices में भी Partnership Business स्पष्ट रूप से syllabus में शामिल है। अन्य परीक्षाओं में chapter-level official evidence परीक्षा-दर-परीक्षा अलग हो सकता है; इसलिए केवल Quantitative Aptitude होने के आधार पर किसी परीक्षा को Direct नहीं माना गया है।
1. Chapter Overview
साझेदारी क्या है?
जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी व्यापार में धन लगाकर व्यापार करते हैं और व्यापार से होने वाले लाभ या हानि को निर्धारित नियम के अनुसार बाँटते हैं, तो इसे साझेदारी (Partnership) कहते हैं।
साझेदारी के प्रश्नों का सबसे महत्वपूर्ण आधार है:
अर्थात सामान्य साझेदारी में केवल पूँजी देखना पर्याप्त नहीं है। यदि साझेदारों ने अलग-अलग समय तक धन लगाया है, तो पूँजी × समय को ध्यान में रखना होगा।
Capital × Time
Capital × Time के अनुपात में
समय को महीनों में समान इकाई में रखें
Changing Capital
SSC CGL, SSC CHSL और SSC CPO के official syllabus में Partnership Business स्पष्ट रूप से शामिल है। इसलिए SSC-oriented preparation में यह अध्याय Quantitative Aptitude का महत्वपूर्ण Arithmetic topic है। 1
2. Exam Applicability Map
| Exam Category | Exam | Relevance | Official Syllabus Evidence | PYQ Evidence | Typical Level | Pattern |
|---|---|---|---|---|---|---|
| SSC | SSC CGL | 🟢 Direct | Partnership Business स्पष्ट रूप से listed | इस page में individual PYQ को बिना primary verification के Verified PYQ नहीं कहा गया | Basic–Advanced | Capital, Time, Profit, बदलती पूँजी |
| SSC | SSC CHSL | 🟢 Direct | Partnership Business स्पष्ट रूप से listed | Individual PYQ verification इस page में नहीं किया गया | Basic–Intermediate | Capital-Time-Profit |
| SSC | SSC CPO | 🟢 Direct | Partnership Business स्पष्ट रूप से listed | Individual PYQ verification उपलब्ध नहीं | Basic–Intermediate | Arithmetic application |
| SSC | MTS / GD / अन्य | 🟠 Limited/Indirect | इस page के लिए chapter-level current official evidence पर्याप्त रूप से verify नहीं | Verified PYQ claim नहीं | Basic | Exam-specific notification देखें |
| Railway | RRB NTPC / Group D आदि | 🟠 Limited/Indirect | Chapter-level “Partnership Business” का स्पष्ट official evidence इस research pass में verify नहीं | Verified PYQ claim नहीं | Basic–Intermediate | Arithmetic/ratio आधारित प्रश्न संभव हो सकते हैं, पर Direct syllabus claim नहीं |
| Banking | IBPS / SBI आदि | Official notifications में Numerical Ability/Quantitative Aptitude sections मिलते हैं; chapter-level Partnership listing इस research pass में verify नहीं | Individual official PYQ evidence नहीं | Intermediate | Arithmetic + ratio based | |
| UPSC | CSE/CSAT आदि | 🟠 Limited/Indirect | इस chapter का Direct official listing verify नहीं | Verified PYQ claim नहीं | Varies | CSAT syllabus के व्यापक quantitative nature के संदर्भ में ही देखें |
| Defence / Police / State | विभिन्न भर्ती परीक्षाएँ | Exam-specific notification पर निर्भर | Exam-specific verification आवश्यक | Basic–Intermediate | Arithmetic aptitude होने पर उपयोगी | |
| Technical / Medical / Research / Judiciary आदि | Post-specific exams | 🔴 Not Directly Established | इस chapter के लिए सामान्य Direct claim नहीं | नहीं | Varies | Specific notification देखें |
3. Basic Concepts
3.1 साझेदार (Partner)
व्यापार में पूँजी लगाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को साझेदार कहते हैं।
3.2 पूँजी (Capital)
व्यापार में लगाया गया धन पूँजी कहलाता है।
3.3 लाभ (Profit)
व्यापार से प्राप्त कुल आय और कुल लागत के अंतर को लाभ कहा जाता है।
3.4 हानि (Loss)
जब कुल लागत आय से अधिक हो जाए तो अंतर हानि कहलाता है।
3.5 समय (Time)
जिस अवधि तक किसी साझेदार की पूँजी व्यापार में लगी रहती है, वह उस साझेदार का निवेश समय है।
साझेदारी में लाभ बाँटने का सबसे महत्वपूर्ण नियम है:
लाभ का अनुपात = पूँजी × समय का अनुपात
4. Important Definitions
| Term | अर्थ |
|---|---|
| साधारण साझेदारी | सभी साझेदारों की पूँजी और समय स्थिर रहते हैं। |
| मिश्रित/जटिल साझेदारी | पूँजी, समय या दोनों में परिवर्तन होने पर बनने वाली जटिल स्थिति। |
| पूँजी अनुपात | साझेदारों द्वारा लगाई गई पूँजी का अनुपात। |
| समय अनुपात | पूँजी के व्यापार में लगे रहने की अवधि का अनुपात। |
| कार्यरत साझेदार | वह साझेदार जो व्यापार में सक्रिय रूप से कार्य करता है। |
| निष्क्रिय साझेदार | वह साझेदार जो पूँजी लगाता है लेकिन दैनिक संचालन में सक्रिय भूमिका नहीं निभाता। |
| लाभांश | कुल लाभ में किसी साझेदार का हिस्सा। |
| परिवर्तित पूँजी | वह स्थिति जिसमें किसी साझेदार की पूँजी समय के साथ बढ़ती या घटती है। |
5. Complete Concepts
5.1 साधारण साझेदारी
यदि A और B ने क्रमशः ₹20,000 और ₹30,000 पूरे वर्ष लगाए, तो:
अतः कुल लाभ को 2 : 3 में बाँटा जाएगा।
5.2 पूँजी समान, समय अलग
यदि दोनों की पूँजी समान है लेकिन समय अलग है, तो लाभ का अनुपात सीधे समय के अनुपात के बराबर होगा।
5.3 समय समान, पूँजी अलग
यदि सभी साझेदारों ने समान समय तक धन लगाया है, तो लाभ का अनुपात पूँजी के अनुपात के बराबर होगा।
5.4 पूँजी और समय दोनों अलग
5.5 लाभ का वितरण
मान लें A और B का profit ratio 3 : 2 है और कुल लाभ ₹25,000 है।
5.6 यदि कुल लाभ ज्ञात नहीं हो
कभी-कभी प्रश्न में एक साझेदार का लाभ दिया होता है और दूसरे का लाभ पूछते हैं। ऐसे में केवल ratio का प्रयोग करें।
5.7 नया साझेदार आने पर
यदि नया साझेदार कुछ समय बाद व्यापार में शामिल होता है, तो उसके द्वारा निवेश किए गए समय को अलग से लिया जाएगा।
पुराने साझेदारों की पुरानी पूँजी × उनका पूरा निवेश समय और नए साझेदार की पूँजी × उसके वास्तविक निवेश समय की तुलना की जाती है।
5.8 साझेदार का पूँजी निकालना
यदि कोई साझेदार बीच में अपनी पूँजी का कुछ भाग निकाल लेता है, तो पूरी अवधि के लिए उसकी मूल पूँजी नहीं लगाई जा सकती। अलग-अलग समय-अवधियों के लिए अलग पूँजी लेकर Capital × Time निकाला जाता है।
5.9 कार्यरत/सक्रिय साझेदार
यदि कोई साझेदार व्यापार में सक्रिय रूप से कार्य करता है और उसे salary/commission दिया जाना प्रश्न में स्पष्ट रूप से कहा गया है, तो पहले उस salary/commission को कुल लाभ से अलग किया जाता है और शेष लाभ को साझेदारी अनुपात में बाँटा जाता है।
6. Important Rules
Rule 1 — मूल नियम
Rule 2 — समान समय
Rule 3 — समान पूँजी
Rule 4 — समय की इकाई
सभी साझेदारों के समय को एक ही unit में रखें। जैसे सभी को months में या सभी को years में।
Rule 5 — बदलती पूँजी
हर अवधि की पूँजी अलग लेकर उसका समय से गुणा करें और सभी products को जोड़ें।
Rule 6 — कुल लाभ
कुल लाभ को profit ratio के कुल parts में बाँटकर प्रत्येक साझेदार का हिस्सा निकालें।
Rule 7 — Salary/Commission
यदि प्रश्न में स्पष्ट रूप से दिया है, तो salary/commission का adjustment करने के बाद शेष लाभ बाँटें।
7. Formula Section
Formula 1 — सामान्य साझेदारी
Formula 2 — तीन साझेदार
Formula 3 — कुल लाभ से हिस्सा
Formula 4 — ज्ञात लाभ से अज्ञात लाभ
Formula 5 — बदलती पूँजी
Formula 6 — Active Partner Salary
8. Shortcuts & Tricks
लंबी कहानी पढ़कर तुरंत ratio निकालने के बजाय प्रत्येक साझेदार के सामने:
Capital × Time
लिखें। इससे गलती कम होती है।
यदि सभी ने समान समय तक निवेश किया है तो सीधे Capital Ratio = Profit Ratio।
यदि सभी की पूँजी समान है तो सीधे Time Ratio = Profit Ratio।
1 वर्ष = 12 महीने।
यदि एक व्यक्ति ने 1 वर्ष और दूसरा 8 महीने निवेश किया है तो ratio में 12 : 8 लें।
“पहले 4 महीने ₹20,000 और अगले 8 महीने ₹30,000” को एक ही capital न मानें।
यदि capital बदल रही है, salary/commission है, partner बीच में आया/गया है या कई adjustment हैं, तो केवल simple Capital Ratio लगाना गलत होगा।
9. Solved Examples
🟢 Example 1 — साधारण साझेदारी
प्रश्न: A ने ₹20,000 और B ने ₹30,000 एक वर्ष के लिए लगाए। कुल लाभ ₹25,000 है। A का लाभ कितना होगा?
A : B = 20,000 : 30,000 = 2 : 3
Concept: समान समय → Capital Ratio
🟢 Example 2 — समय अलग
प्रश्न: A ने ₹30,000 को 12 महीने और B ने ₹20,000 को 9 महीने लगाया। लाभ का अनुपात क्या होगा?
🟡 Example 3 — तीन साझेदार
प्रश्न: A, B और C ने क्रमशः ₹10,000, ₹15,000 और ₹20,000 पूरे 1 वर्ष के लिए लगाए। कुल लाभ ₹45,000 है। C का लाभ कितना होगा?
🟡 Example 4 — समान पूँजी, अलग समय
प्रश्न: A और B ने ₹40,000-₹40,000 लगाए। A ने 12 महीने और B ने 8 महीने तक धन लगाया। लाभ अनुपात ज्ञात करें।
🟡 Example 5 — एक साझेदार का लाभ दिया है
प्रश्न: A और B की पूँजी क्रमशः ₹40,000 और ₹60,000 है तथा दोनों ने समान समय तक निवेश किया। यदि A का लाभ ₹12,000 है, तो B का लाभ कितना होगा?
🟠 Example 6 — नया साझेदार
प्रश्न: A ने ₹50,000 पूरे 12 महीने लगाए। B ने ₹40,000 पूरे 12 महीने लगाए। C ने ₹60,000 केवल 6 महीने लगाए। लाभ अनुपात ज्ञात करें।
🟠 Example 7 — Capital Change
प्रश्न: A ने पहले 4 महीने ₹60,000 और अगले 8 महीने ₹90,000 लगाए। A का effective Capital-Time कितना होगा?
🔴 Example 8 — Active Partner
प्रश्न: कुल लाभ ₹50,000 है। A को प्रश्नानुसार ₹10,000 salary मिलती है। शेष लाभ A और B में 2 : 3 के अनुपात में बाँटा जाना है। दोनों को कुल कितना मिलेगा?
10. PYQ Master Section
इस consolidated page के लिए जिन individual question papers/official answer keys की प्राथमिक स्रोत से पर्याप्त पुष्टि उपलब्ध नहीं है, उन्हें वास्तविक PYQ के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। इसलिए नीचे दिए प्रश्न “PYQ Pattern Based Important Questions” हैं, Verified PYQ नहीं।
A और B की पूँजी का अनुपात 3:5 है और दोनों समान समय तक निवेश करते हैं। लाभ का अनुपात क्या होगा?
उत्तर: 3:5
A ने ₹20,000 को 12 महीने और B ने ₹30,000 को 8 महीने लगाया। लाभ अनुपात?
A:B = 20,000×12 : 30,000×8 = 240:240 = 1:1
A और B की पूँजी समान है। A ने 10 महीने और B ने 15 महीने निवेश किया। लाभ अनुपात?
उत्तर: 2:3
11. PYQ Pattern Analysis
Official syllabus evidence से यह स्पष्ट है कि SSC के कुछ प्रमुख examinations में Partnership Business Arithmetic syllabus का हिस्सा है। 2
इस page में बिना verified individual papers के किसी specific question type को “बार-बार आया” जैसी frequency claim नहीं दी जा रही है। तैयारी के लिए निम्न concept families को मजबूत रखना उपयोगी है:
- Capital Ratio
- Capital × Time
- Profit Distribution
- Different Investment Periods
- New Partner
- Capital Withdrawal
- Changing Capital
- Active Partner Salary/Commission
12. Practice Questions
A) 1:2
B) 2:3
C) 3:2
D) 4:5
A) 1:1
B) 2:1
C) 3:2
D) 4:3
A) ₹10,000
B) ₹15,000
C) ₹20,000
D) ₹25,000
A) 1:1
B) 4:5
C) 5:4
D) 2:3
A) ₹10,000
B) ₹12,000
C) ₹15,000
D) ₹20,000
A) 1:1
B) 2:1
C) 1:2
D) 3:2
A) ₹5,000
B) ₹7,500
C) ₹10,000
D) ₹12,000
A) 2,40,000
B) 3,60,000
C) 4,80,000
D) 6,00,000
A) 1:3
B) 2:1
C) 3:1
D) 4:3
A) ₹10,000
B) ₹12,000
C) ₹14,000
D) ₹16,000
Answer Key
| Q | उत्तर |
|---|---|
| 1 | B |
| 2 | A |
| 3 | C |
| 4 | A |
| 5 | B |
| 6 | A |
| 7 | C |
| 8 | B |
| 9 | C |
| 10 | B |
Detailed Solutions
A ने ₹30,000 को 12 महीने और B ने ₹20,000 को 6 महीने लगाया। कुल लाभ ₹15,000 है। A का लाभ कितना होगा?
A) ₹9,000
B) ₹10,000
C) ₹11,250
D) ₹12,500
Correct Answer: C — ₹11,250
13. Concept Based Questions
उत्तर: 3:1
उत्तर: नहीं। समय भी अलग हो सकता है। सही आधार Capital × Time है।
उत्तर: नहीं। Profit ratio = 2×12 : 3×8 = 24:24 = 1:1.
उत्तर: नहीं। Salary/commission प्रश्न में स्पष्ट रूप से निर्धारित होना चाहिए।
14. Advanced Level
14.1 Changing Capital — Multi-Period Method
यदि capital कई बार बदलती है तो प्रत्येक अवधि अलग करें।
| अवधि | Capital | Time | Capital × Time |
|---|---|---|---|
| पहली अवधि | C₁ | T₁ | C₁T₁ |
| दूसरी अवधि | C₂ | T₂ | C₂T₂ |
| तीसरी अवधि | C₃ | T₃ | C₃T₃ |
14.2 Capital Addition
यदि किसी साझेदार ने वर्ष के बीच में अतिरिक्त पूँजी लगाई, तो अतिरिक्त capital केवल उस अवधि के लिए count होगी जिसमें वह वास्तव में व्यापार में लगी रही।
14.3 Capital Withdrawal
यदि कुछ पूँजी वापस निकाल ली गई, तो withdrawal के बाद बची हुई capital को नई अवधि के लिए लिया जाएगा।
14.4 Active Partner + Profit Sharing
यदि active partner को salary दी गई है:
14.5 Advanced Trap
Advanced Example
प्रश्न: A ने ₹60,000 पूरे 12 महीने लगाए। B ने ₹50,000 लगाए लेकिन 4 महीने बाद ₹10,000 और लगा दिए। B की effective investment कितनी होगी?
15. Common Mistakes
✅ सही: Capital × Time करें।
✅ सही: 12 महीने : 6 महीने = 2:1.
✅ सही: जितने समय तक capital लगी है उतना ही समय लें।
✅ सही: Salary तभी लें जब question में स्पष्ट हो।
✅ सही: प्रत्येक अवधि का Capital × Time निकालें।
✅ सही: Ratio को total profit से multiply करके actual share निकालें।
16. Exam-Wise Strategy
SSC CGL — Direct
- Capital × Time rule पूरी तरह मजबूत करें।
- Profit distribution पर प्रश्न करें।
- Different investment periods का अभ्यास करें।
- Changing capital और partner admission/withdrawal समझें।
- Question में months/years की unit को तुरंत standardize करें।
SSC CGL के official 2025 notice में Partnership Business स्पष्ट रूप से Quantitative Aptitude/Mathematical Abilities में दिया गया है। 3
SSC CHSL — Direct
Official CHSL syllabus में Partnership Business स्पष्ट रूप से listed है। Basic और intermediate arithmetic questions के लिए Capital-Time-Profit framework मजबूत रखें। 4
SSC CPO — Direct
SSC CPO 2025 official notice में Partnership Business Quantitative Aptitude syllabus में स्पष्ट रूप से दिया गया है। 5
- Ratio आधारित calculation तेज करें।
- Time conversion में गलती न करें।
- Multi-step arithmetic का अभ्यास करें।
Banking — Related
IBPS की official notifications में Quantitative/Numerical Ability sections हैं, लेकिन इस research pass में Partnership को chapter-level official syllabus item के रूप में verify नहीं किया गया। इसलिए इसे Direct official claim नहीं माना गया है। 6
Railway — Limited/Indirect
Railway में arithmetic preparation उपयोगी हो सकती है, लेकिन इस page के लिए Partnership का current chapter-level official listing पर्याप्त रूप से verify नहीं किया गया। इसलिए इसे Direct नहीं कहा गया है।
17. Quick Revision
🏆 30-Second Revision
1. Partnership का मूल नियम:
2. समान समय:
3. समान पूँजी:
4. कुल लाभ:
5. Changing Capital:
6. समय हमेशा एक ही unit में रखें।
7. Active partner salary तभी लें जब प्रश्न में स्पष्ट हो।
8. नया partner पूरे वर्ष का partner नहीं माना जाएगा यदि वह बाद में आया है।
18. Final Revision Box
🏆 GOLDEN RULES
- लाभ बाँटने का आधार = Capital × Time
- समान समय → Capital Ratio
- समान Capital → Time Ratio
- Changing Capital → अलग-अलग periods
- New Partner → केवल वास्तविक investment period
- Withdrawal → withdrawal के बाद नई capital
- Salary/Commission → केवल question की condition के अनुसार
⚡ TOP TRICK
हर Partnership question में पहले एक छोटी table बनाएं:
| Partner | Capital | Time | Capital × Time |
|---|---|---|---|
| A | ... | ... | ... |
| B | ... | ... | ... |
| C | ... | ... | ... |
फिर अंतिम column का ratio निकालें। यह तरीका calculation errors को काफी कम करता है।
🔥 SSC Exam Focus
SSC CGL, CHSL और CPO के official syllabus में Partnership Business की स्पष्ट उपस्थिति के कारण SSC तैयारी में इस chapter के core areas को अच्छी तरह तैयार करें। 7
📝 PYQ Verification Rule
किसी question को केवल इसलिए “SSC PYQ” न लिखें क्योंकि वह coaching books या websites पर PYQ के नाम से उपलब्ध है। Exam, year, shift/paper और reliable primary evidence उपलब्ध होने पर ही उसे Verified PYQ label दें। अन्यथा “PYQ Pattern Based Important Question” लिखें।
📚 Research & Evidence Status
- SSC CGL: Partnership Business — official syllabus evidence verified.
- SSC CHSL: Partnership Business — official syllabus evidence verified.
- SSC CPO: Partnership Business — official syllabus evidence verified.
- Banking: Quantitative/Numerical sections verified, लेकिन Partnership का chapter-level official evidence इस page के research pass में स्थापित नहीं।
- Railway: Partnership का chapter-level Direct official evidence इस page के research pass में स्थापित नहीं।
- Individual historical PYQs: पर्याप्त primary verification के बिना Verified PYQ के रूप में प्रस्तुत नहीं किए गए।
साझेदारी के लगभग सभी numerical questions का मूल ढाँचा Capital × Time है। पहले ratio बनाइए, फिर total profit को parts में बाँटिए। Advanced questions में periods अलग करके effective investment निकालना सबसे सुरक्षित तरीका है।