भारतीय इतिहास: मराठा साम्राज्य - UPSSSC PET Complete Notes
Target: UPSSSC PET Exam Level
1.Explanation
मध्यकाल के अंत और आधुनिक काल के आरंभ में भारत की राजनीतिक पटल पर जिस शक्तिशाली क्षेत्रीय शक्ति का उदय हुआ, वह मराठा साम्राज्य था। सत्रहवीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज ने बिखरे हुए मराठों को एकजुट करके एक स्वतंत्र और सुदृढ़ 'स्वराज्य' की स्थापना की। इस अध्याय में हम शिवाजी महाराज के जीवन, उनके प्रशासनिक तंत्र, अष्टप्रधान व्यवस्था और बाद के पेशवा काल तथा मराठा-ब्रिटिश संघर्षों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
- स्वराज्य: अपना राज्य या विदेशी नियंत्रण से मुक्त क्षेत्र।
- चौथ: पड़ोसी गैर-मराठा क्षेत्रों से उनकी सुरक्षा के बदले वसूला जाने वाला कर (कुल राजस्व का 1/4 हिस्सा)।
- सरदेशमुखी: मराठा राजा द्वारा अपने आपको सर्वोच्च देशमुख मानकर वसूला जाने वाला अतिरिक्त 10% कर।
2. (बुनियादी अवधारणाएं)
मराठा साम्राज्य के उत्थान के मुख्य बिंदु:
- छत्रपति शिवाजी महाराज (1627–1680): इनका जन्म शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। इनके पिता शाहजी भोंसले और माता जीजाबाई थीं। इनके संरक्षक एवं गुरु दादा कोंडदेव थे, जबकि आध्यात्मिक गुरु समर्थ रामदास थे।
- राज्याभिषेक: 1674 ई. में रायगढ़ में शिवाजी ने 'छत्रपति' की उपाधि धारण की और अपना राज्याभिषेक करवाया (काशी के विद्वान गंगाभट्ट द्वारा)।
- अष्टप्रधान: शिवाजी के प्रशासन में सहायता के लिए 8 मंत्रियों की मंत्रिपरिषद थी, जिसे 'अष्टप्रधान' कहा जाता था।
3. (मध्यवर्ती अवधारणाएं)
शिवाजी की अष्टप्रधान मंत्रिपरिषद के प्रमुख पद और उनके कार्य परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं:
| पद का नाम | मुख्य कार्य / विभाग |
|---|---|
| पेशवा | प्रधानमंत्री (राजा के बाद सबसे महत्वपूर्ण पद, वित्त एवं सामान्य प्रशासन)। |
| अमात्य / मजुमदार | राजस्व मंत्री (आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना)। |
| वाक्यनवीस / मंत्री | गृह मंत्री (गुप्तचर, डाक और राजमहल की सुरक्षा)। |
| सुमंत / दबीर | विदेश मंत्री (विदेशी मामलों और युद्ध/संधि की देखरेख)। |
| सेनापति / सर-ए-नौबत | सैन्य विभाग का प्रमुख (सैनिकों की भर्ती और संगठन)। |
| पंडितराव | धार्मिक कार्यों और दान विभाग का प्रमुख (आचार्य)। |
| न्यायाधीश | न्याय विभाग का प्रमुख। |
| सचिव / सुरनवीस | राजकीय पत्र-व्यवहार और सचिवीय कार्य। |
4. (उन्नत अवधारणाएं)
शिवाजी के बाद छत्रपति संभाजी और राजाराम का काल आया। छत्रपति साहू महाराज के समय सत्ता वास्तविक रूप से पेशवाओं (बालाजी विश्वनाथ से लेकर बाजीराव प्रथम) के हाथों में आ गई। बालाजी बाजीराव (नानी साहब) के कार्यकाल में 1761 ई. में पानीपत का तृतीय युद्ध हुआ, जिसमें मराठों को अहमद शाह अब्दाली के हाथों करारी शिकस्त मिली। इस युद्ध ने यह तय कर दिया कि "भारत पर कौन राज करेगा यह तय नहीं, बल्कि कौन राज नहीं करेगा यह तय हो गया।"
5. Confusion Clear (भ्रम निवारण)
स्पष्टीकरण: 'चौथ' वह कर था जो मराठा उन क्षेत्रों से वसूलते थे जिन पर वे प्रत्यक्ष शासन नहीं करते थे, ताकि वे उन पर आक्रमण न करें (राजस्व का 25%)। वहीं 'सरदेशमुखी' एक प्रकार का वतन या अधिभार कर (10%) था जिसे शिवाजी महाराष्ट्र के अपने पैतृक क्षेत्रों और आसपास के इलाकों पर खुद को सर्वोच्च मुख्या या सरदेशमुख मानकर वसूलते थे।
6. Cause -> Event -> Result (कारण, घटना और प्रभाव)
- Cause (कारण): उत्तर भारत में मराठा साम्राज्य का लगातार विस्तार और प्रभाव में वृद्धि।
- Event (घटना): 14 जनवरी 1761 को अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच पानीपत का तृतीय युद्ध।
- Result (परिणाम): मराठा शक्ति की कमर टूट गई, उनके कई दिग्गज योद्धा मारे गए और भारत में अंग्रेजों के लिए विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ।
7. UPSSSC PET Exam Focus (परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु)
- शिवाजी का जन्म: 1627 ई. में शिवनेरी दुर्ग में।
- पुरंदर की संधि: 1665 ई. में राजा जयसिंह और शिवाजी के बीच हुई।
- अष्टप्रधान: शिवाजी की मंत्रिपरिषद।
- पानीपत का तृतीय युद्ध: 1761 ई. (मराठा बनाम अहमद शाह अब्दाली)।
- पेशवाओं का उदय: बालाजी विश्वनाथ पहले प्रमुख पेशवा थे।
8. One-Liner Revision (वन-लाइनर रिवीजन)
- शिवाजी ने अपनी राजधानी रायगढ़ को बनाया था।
- अष्टप्रधान में 'पेशवा' पद प्रधानमंत्री का होता था।
- शिवाजी को 'औरंगजेब' ने आगरा के जयपुर भवन में कैद किया था जहाँ से वे फल की टोकरी में छिपकर भाग निकले थे।
- पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ ने किया था।
9. Rapid Revision Notes (रैपिड रिवीजन)
मराठा साम्राज्य की नींव छत्रपति शिवाजी महाराज ने गोरिल्ला युद्ध पद्धति और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था (अष्टप्रधान) के बल पर रखी। शिवाजी के बाद पेशवाओं के नेतृत्व में मराठा साम्राज्य अपनी चरम सीमा पर पहुँचा, लेकिन 1761 के पानीपत के तीसरे युद्ध ने इस विशाल साम्राज्य को बिखेर दिया और अंततः ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने इस पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।
10. Last Minute Revision (अंतिम समय का रिवीजन)
शिवाजी जन्म = 1627. राज्याभिषेक = 1674 (रायगढ़). पुरंदर संधि = 1665. पानीपत तृतीय युद्ध = 1761. चौथ और सरदेशमुखी = कर प्रणाली। पेशवा = प्रधानमंत्री।
11. Chapter Summary (अध्याय सारांश)
इस अध्याय में हमने मराठा साम्राज्य के उद्गम, छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रशासनिक सुधारों, अष्टप्रधान व्यवस्था, पेशवाओं के उत्थान और पानीपत के तृतीय युद्ध के ऐतिहासिक प्रभावों का अध्ययन किया है जो UPSSSC PET परीक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
12. Chapter Revision Checklist (रिवीजन चेकलिस्ट)
- Shivaji's Early Life & Coronation (शिवाजी जीवन और राज्याभिषेक)
- Administration & Ashtapradhan (अष्टप्रधान व्यवस्था)
- Taxes (चौथ और सरदेशमुखी)
- Third Battle of Panipat (पानीपत का तृतीय युद्ध)
- Exam Points & One-Liners (परीक्षा बिंदु)
13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर: शिवनेरी दुर्ग में (1627 ई.)।
Q2. शिवाजी के राज्याभिषेक समारोह का आयोजन कहाँ किया गया था?
उत्तर: रायगढ़ के किले में (1674 ई.)।
Q3. पुरंदर की संधि किस वर्ष और किसके बीच हुई थी?
उत्तर: 1665 ई. में शिवाजी और राजा जयसिंह (औरंगजेब के सेनापति) के बीच।
Q4. मराठा प्रशासन में 'अष्टप्रधान' क्या था?
उत्तर: 8 मंत्रियों की मंत्रिपरिषद।
Q5. चौथ और सरदेशमुखी कर किससे संबंधित हैं?
उत्तर: मराठा साम्राज्य की कर प्रणाली से।
Q6. पानीपत का तृतीय युद्ध कब लड़ा गया था?
उत्तर: 14 जनवरी 1761 ई. को।
Q7. पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठों का नेतृत्व किसने किया था?
उत्तर: सदाशिवराव भाऊ ने।
Q8. शिवाजी के राजनीतिक गुरु या संरक्षक कौन थे?
उत्तर: दादा कोंडदेव।