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UPSSSC PET भारतीय इतिहास - मौर्य वंश - सम्राट अशोक Notes

Posted on: 19 Aug 2026, 05:29 AM Category: PET Indian History

भारतीय इतिहास: मौर्य वंश (सम्राट अशोक) - UPSSSC PET Complete Notes

 Target: UPSSSC PET Exam Level

1. Zero Explanation (शून्य से शुरुआत)

प्राचीन भारतीय इतिहास में राजनीतिक एकता और सुदृढ़ प्रशासन की जब भी बात होती है, तो मौर्य वंश (Mauryan Empire) का नाम सबसे पहले आता है। इस वंश की स्थापना चाणक्य (कौटिल्य) की सहायता से चन्द्रगुप्त मौर्य ने की थी। मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान सम्राट अशोक (Samrat Ashoka) थे, जिन्हें उनके विशाल साम्राज्य, कलिंग युद्ध के बाद हृदय परिवर्तन, और बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।

महत्वपूर्ण शब्दावली (Important Terminology):
  • देवानामप्रिय / देवानामपियदस्सी: सम्राट अशोक द्वारा अभिलेखों में प्रयुक्त उपाधि जिसका अर्थ 'देवताओं का प्यारा' होता है।
  • धम्म (Dhamma): अशोक द्वारा प्रतिपादित नैतिक और सामाजिक आचार-विचार की संहिता, जो किसी विशेष धर्म से न होकर मानवता से जुड़ी थी।
  • अभिलेख (Inscriptions): पत्थरों, चट्टानों या स्तंभों पर खुदवाए गए ऐतिहासिक संदेश।

2. Basic Concepts (बुनियादी अवधारणाएं)

मौर्य वंश और सम्राट अशोक से जुड़े बुनियादी तथ्य:

  1. वंश क्रम: चन्द्रगुप्त मौर्य → बिंदुसार → सम्राट अशोक।
  2. सिंहासनारोहण: अशोक लगभग 269 ईसा पूर्व मगध की गद्दी पर बैठे। राजा बनने के 8वें वर्ष (लगभग 261 ईसा पूर्व) उन्होंने कलिंग पर आक्रमण किया।
  3. प्रमुख बौद्ध गुरु: कलिंग युद्ध के बाद भीषण रक्तपात देखकर अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ, और उन्होंने उपगुप्त (Upagupta) से बौद्ध धर्म की दीक्षा ली।

3. Intermediate Concepts (मध्यवर्ती अवधारणाएं)

अशोक के शिलालेख, उनकी भाषा, लिपि और प्रशासनिक सुधार:

लिखित साक्ष्य / पहलू मुख्य विवरण
अशोक के अभिलेख अशोक भारत के पहले ऐसे शासक थे जिन्होंने शिलालेखों के माध्यम से सीधे जनता को संबोधित किया। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाता है - शिलालेख (Rock Edicts), स्तंभ लेख (Pillar Edicts), और गुहालेख।
अभिलेखों की लिपियां भारत में ब्राह्मी लिपि (बाएं से दाएं), उत्तर-पश्चिम में खरोष्ठी लिपि (दाएं से बाएं), अफगानिस्तान में ग्रीक और अरमाएकांत लिपियों का प्रयोग हुआ।
तृतीय बौद्ध संगीति अशोक के संरक्षण में पाटलिपुत्र में आयोजित की गई थी, जिसके अध्यक्ष मोग्गालिपुत्त तिस्स थे।
धम्म महामात्र अशोक द्वारा जनता में नैतिकता और धर्म का प्रचार करने के लिए नियुक्त किए गए विशिष्ट अधिकारी।

4. Advanced Concepts (उन्नत अवधारणाएं)

अशोक का 'धम्म' कोई नया धर्म नहीं था, बल्कि यह सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों (जैसे बड़ों का आदर, अहिंसा, सत्यनिष्ठा, दासों के साथ अच्छा व्यवहार) का संग्रह था। अशोक की विदेश नीति आक्रामक से बदलकर शांति और सांस्कृतिक विजय (धम्म विजय) की हो गई थी। उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। हालांकि, उनकी शांतिवादी नीतियों के कारण मौर्य साम्राज्य की सैन्य शक्ति कमजोर होने लगी, जो बाद में उनके उत्तराधिकारियों के समय पतन का एक कारण बनी।

5. Confusion Clear (भ्रम निवारण)

Confusion: क्या अशोक के अभिलेखों में हर जगह 'अशोक' नाम ही मिलता है?

स्पष्टीकरण:
  • अधिकांश अभिलेखों में उन्हें 'देवानामपियदस्सी' कहा गया है।
  • केवल कुछ चुनिंदा अभिलेखों (जैसे मास्की, गुजरगा, नेटूर और उदयगोल्लम) में ही उनका वास्तविक नाम 'अशोक' मिलता है।
  • जूनागढ़ अभिलेख में उनका नाम 'अशोक मौर्य' दर्ज है।

6. Cause -> Event -> Result (कारण, घटना और परिणाम)

  • Cause (कारण): साम्राज्य विस्तार की महत्वकांक्षा और दक्षिण-पूर्व व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण स्थापित करने की आवश्यकता।
  • Event (घटना): 261 ईसा पूर्व में सम्राट अशोक द्वारा कलिंग (वर्तमान ओडिशा) पर भीषण आक्रमण।
  • Result (परिणाम): भारी रक्तपात और तबाही को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ; उन्होंने युद्ध की नीति ('घोष') को हमेशा के लिए त्याग कर 'धम्म घोष' अपना लिया।

7. UPSSSC PET Exam Focus (परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु)

  • कलिंग युद्ध का वर्ष: 261 ईसा पूर्व (अशोक के 13वें शिलालेख में इसका वर्णन है)।
  • अशोक के अभिलेखों को पढ़ने वाला पहला व्यक्ति: जेम्स प्रिंसेप (1837 ई.)।
  • सांची का स्तूप: मध्य प्रदेश में स्थित, जिसका निर्माण अशोक ने करवाया था।
  • राष्ट्रीय प्रतीक: सारनाथ का सिंह चतुर्मुख स्तंभ, जिससे भारत का राष्ट्रीय चिह्न लिया गया है।
  • अशोक की भाषा: अधिकांश अभिलेख प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में हैं।

8. One-Liner Revision (वन-लाइनर रिवीजन)

  • सम्राट अशोक बिंदुसार के पुत्र थे।
  • कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने बौद्ध धर्म अपना लिया था।
  • अशोक के अभिलेखों की खोज सर्वप्रथम 1750 ई. में टी. फैंथेलर ने की थी।
  • अशोक ने अपने साम्राज्य में पशु हत्या पर प्रतिबंध लगा दिया था।

9. Rapid Revision Notes (रैपिड रिवीजन)

मौर्य वंश के महान सम्राट अशोक ने 269 ईसा पूर्व सत्ता संभाली। 261 ईसा पूर्व के कलिंग युद्ध के बाद उन्होंने हिंसा त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाया और 'धम्म' का संदेश दिया। उनके अभिलेख ब्राह्मी, खरोष्ठी और ग्रीक लिपियों में मिलते हैं जिन्हें जेम्स प्रिंसेप ने सबसे पहले पढ़ा था।

10. Last Minute Revision (अंतिम समय का रिवीजन)

सम्राट अशोक = कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व), बौद्ध धर्म (उपगुप्त से दीक्षा), धम्म महामात्र, सांची स्तूप, जेम्स प्रिंसेप (अभिलेख पढ़ने वाले प्रथम)।

11. Chapter Summary (अध्याय सारांश)

इस अध्याय में हमने मौर्य वंश के महान शासक सम्राट अशोक के जीवन, कलिंग युद्ध के ऐतिहासिक प्रभाव, उनके धम्म की अवधारणा, शिलालेखों और उनकी लिपियों का अध्ययन किया है जो UPSSSC PET परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

12. Chapter Revision Checklist (रिवीजन चेकलिस्ट)

  • Mauryan Dynasty & Ashoka Background (मौर्य वंश और अशोक का परिचय)
  • Kalinga War & Impact (कलिंग युद्ध और उसका प्रभाव)
  • Ashokan Inscriptions & Decipherment (अशोक के शिलालेख और वाचन)
  • Concept of Dhamma (अशोक का धम्म)
  • Exam Points & One-Liners (परीक्षा बिंदु)

13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. सम्राट अशोक किस वंश के शासक थे?

उत्तर: मौर्य वंश।

Q2. कलिंग का युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?

उत्तर: 261 ईसा पूर्व में।

Q3. अशोक ने किस बौद्ध भिक्षु से बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी?

उत्तर: उपगुप्त से।

Q4. अशोक के शिलालेखों को सबसे पहले किसने पढ़ा था?

उत्तर: जेम्स प्रिंसेप ने (1837 ईस्वी में)।

Q5. अशोक के अधिकांश अभिलेख किस लिपि में लिखे गए हैं?

उत्तर: ब्राह्मी लिपि में।

Q6. कलिंग युद्ध का वर्णन अशोक के किस शिलालेख में मिलता है?

उत्तर: 13वें (तेरहवें) शिलालेख में।

Q7. सांची के स्तूप का निर्माण किसने करवाया था?

उत्तर: सम्राट अशोक ने।

Q8. अशोक को उनके अभिलेखों में किस नाम से संबोधित किया गया है?

उत्तर: देवानामपियदッシ (देवानामप्रिय)।

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