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UPSSSC PET भारतीय इतिहास - मराठा साम्राज्य नोट्स

🇮🇳 मराठा साम्राज्य — Basic से Advanced Complete Notes

UPSSSC PET भारतीय इतिहास के लिए शिवाजी, मराठा प्रशासन, मुगल–मराठा संघर्ष, पेशवा व्यवस्था, मराठा संघ, प्रमुख युद्ध, चauth–सरदेशमुखी और तृतीय पानीपत युद्ध का व्यवस्थित अध्ययन।

UPSSSC PET History Basic → Advanced PYQ + Practice Quick Revision

📋 Table of Contents

1️⃣ Chapter Introduction

मराठा शक्ति मध्यकालीन भारत के उत्तरार्ध में उभरने वाली एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सैन्य शक्ति थी। 17वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी के नेतृत्व में पश्चिमी दक्कन में एक सशक्त राज्य का निर्माण हुआ। बाद में पेशवाओं के समय मराठा प्रभाव दक्कन से निकलकर मालवा, गुजरात, बुंदेलखंड, दिल्ली और उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों तक फैल गया।

🎯 UPSSSC PET में महत्व: मराठा अध्याय से सामान्यतः संस्थापक/शासक, शिवाजी का प्रशासन, अष्टप्रधान, चauth, सरदेशमुखी, पेशवा, मराठा सरदारों के क्षेत्र, मुगल–मराठा संघर्ष और प्रमुख युद्धों पर तथ्यात्मक या Matching/Chronology आधारित प्रश्न बनाए जा सकते हैं।

मुख्य Subtopics

  • शिवाजी का प्रारंभिक जीवन और स्वराज्य की अवधारणा
  • शिवाजी के प्रमुख युद्ध और विस्तार
  • सूरत पर आक्रमण, शाइस्ता खाँ और अफजल खाँ
  • पुरंदर की संधि और आगरा की घटना
  • 1674 का राज्याभिषेक
  • अष्टप्रधान मंडल
  • किले और गुरिल्ला युद्धनीति
  • चauth एवं सरदेशमुखी
  • शिवाजी के बाद की स्थिति
  • संभाजी, राजाराम और ताराबाई
  • पेशवाओं का उदय
  • बाजीराव प्रथम और मराठा विस्तार
  • बालाजी बाजीराव और तृतीय पानीपत
  • माधवराव प्रथम और मराठा पुनरुत्थान
  • सिंधिया, होलकर, गायकवाड़ और भोंसले
  • आंग्ल–मराठा युद्ध और मराठा शक्ति का अंत

2️⃣ BASIC CONCEPTS

मराठा कौन थे?

मराठा मुख्यतः दक्कन क्षेत्र से संबंधित राजनीतिक-सैन्य शक्ति के रूप में उभरे। शिवाजी ने स्थानीय शक्ति, दुर्गों, तेज घुड़सवार सेना और संगठित प्रशासन के आधार पर एक स्वतंत्र राज्य को मजबूत किया।

📌 NOTE: परीक्षा में “मराठा साम्राज्य का संस्थापक” पूछा जाए तो सामान्य उत्तर छत्रपति शिवाजी माना जाता है। शिवाजी ने जिस राज्य को संगठित किया, वह बाद में पेशवाओं और मराठा सरदारों के समय व्यापक शक्ति में बदला।

स्वराज्य का अर्थ

स्वराज्य का सामान्य अर्थ है—अपने लोगों द्वारा अपना शासन। शिवाजी के राजनीतिक विचार में स्थानीय नियंत्रण, स्वतंत्र शासन और प्रभावी प्रशासन महत्वपूर्ण थे।

मराठा शक्ति के उदय के प्रमुख कारण

1. भौगोलिक स्थिति

सह्याद्रि पर्वत, घाट और दुर्गम भू-भाग ने स्थानीय रक्षा और तेज सैन्य गतिविधियों में सहायता की।

2. दुर्गों का महत्व

किले मराठा सैन्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र बने।

3. सैन्य संगठन

तेज घुड़सवार सेना और परिस्थितिनुसार बदलती युद्ध रणनीति उपयोगी रही।

4. शिवाजी का नेतृत्व

शिवाजी ने राजनीतिक संगठन, प्रशासन और सैन्य शक्ति को एक साथ विकसित किया।

⚡ TRICK — मराठा उदय याद रखें:
“पर्वत + किला + घुड़सवार + संगठन = मराठा शक्ति”

3️⃣ IMPORTANT DEFINITIONS

शब्द अर्थ Exam Point
स्वराज्य स्वतंत्र/अपने लोगों का शासन शिवाजी की राजनीतिक अवधारणा से जोड़ा जाता है
अष्टप्रधान आठ प्रमुख मंत्रियों की परिषद शिवाजी का प्रशासन
पेशवा प्रधान मंत्री/मुख्य मंत्री बाद में पेशवा मराठा राजनीति में वास्तविक शक्ति के केंद्र बने
चauth राजस्व का लगभग एक-चौथाई हिस्सा 25%
सरदेशमुखी अतिरिक्त 10% लेवी चauth के अतिरिक्त
गनिमी कावा परिस्थिति के अनुसार तेज, छापामार/गतिशील युद्धनीति शिवाजी की युद्धनीति से संबंधित
मराठा संघ विभिन्न शक्तिशाली मराठा सरदारों का राजनीतिक समूह पेशवा काल के उत्तरार्ध में महत्वपूर्ण
सुभा बड़ा प्रशासनिक प्रांत मराठा प्रशासन में क्षेत्रीय विभाजन के संदर्भ में महत्वपूर्ण

4️⃣ छत्रपति शिवाजी — Complete Concepts

शिवाजी का परिचय

शिवाजी भोंसले परिवार से संबंधित थे। उनके पिता शाहजी भोंसले दक्कन की राजनीति में प्रभावशाली सैन्य सरदार थे। शिवाजी की माता जीजाबाई उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

🔥 EXAM POINT:
शिवाजी — भोंसले वंश • पिता — शाहजी भोंसले • माता — जीजाबाई • प्रमुख केंद्र — महाराष्ट्र/दक्कन • राज्याभिषेक — 1674, रायगढ़।

शिवाजी की प्रारंभिक गतिविधियाँ

शिवाजी ने दक्कन में दुर्गों और स्थानीय क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना शुरू किया। तोरणा जैसे दुर्गों पर अधिकार उनके प्रारंभिक विस्तार से जुड़ा है। बाद में राजगढ़, पुरंदर, सिंहगढ़ आदि किलों का रणनीतिक महत्व बढ़ा।

अफजल खाँ और प्रतापगढ़

बीजापुर के सेनापति अफजल खाँ को शिवाजी के विरुद्ध भेजा गया। 1659 में प्रतापगढ़ के निकट हुई घटना में शिवाजी ने अफजल खाँ को पराजित किया। यह शिवाजी की प्रतिष्ठा और सैन्य शक्ति के लिए महत्वपूर्ण मोड़ था।

शाइस्ता खाँ

मुगल सम्राट औरंगजेब ने शिवाजी को दबाने के लिए शाइस्ता खाँ को दक्कन भेजा। शिवाजी ने पुणे में साहसिक हमला किया और शाइस्ता खाँ घायल हुआ।

सूरत पर आक्रमण

शिवाजी ने मुगल व्यापारिक केंद्र सूरत पर 1664 में आक्रमण किया। यह मुगल–मराठा संघर्ष में आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना थी।

पुरंदर की संधि — 1665

🎯 IMPORTANT:

1665 में मुगल सेनापति मिर्जा राजा जयसिंह के अभियान के बाद शिवाजी को पुरंदर की संधि करनी पड़ी। संधि के अनुसार शिवाजी ने 23 दुर्ग मुगलों को दिए और 12 दुर्ग अपने पास रखे।

आगरा की घटना

पुरंदर की संधि के बाद शिवाजी औरंगजेब के दरबार में आगरा गए। वहाँ उन्हें अपेक्षित सम्मान न मिलने पर विवाद हुआ और वे नजरबंदी से निकलकर दक्कन लौटने में सफल हुए।

शिवाजी का राज्याभिषेक — 1674

1674 में रायगढ़ में शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ और उन्होंने औपचारिक रूप से छत्रपति की उपाधि धारण की। इसके बाद उनका राज्य अधिक औपचारिक राजनीतिक स्वरूप में दिखाई देता है।

✍️ याद रखें:
1665 = पुरंदर की संधि
1674 = शिवाजी का राज्याभिषेक
रायगढ़ = राज्याभिषेक का प्रमुख स्थल

शिवाजी की युद्धनीति

शिवाजी ने दुर्गों, स्थानीय भूगोल, तेज घुड़सवारों, अचानक आक्रमण और शीघ्र वापसी जैसी रणनीतियों का प्रभावी उपयोग किया। इसे सामान्यतः गनिमी कावा से जोड़ा जाता है।

⚡ TRICK — शिवाजी की प्रमुख पहचान:
“दुर्ग + गति + भूगोल + अचानक हमला”

🗓️ शिवाजी से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाक्रम

1659
अफजल खाँ प्रकरण — प्रतापगढ़ के निकट शिवाजी की महत्वपूर्ण विजय।
1664
सूरत पर पहला प्रमुख आक्रमण — मुगल व्यापारिक केंद्र पर हमला।
1665
पुरंदर की संधि — जयसिंह के अभियान के बाद समझौता।
1666
आगरा घटना — औरंगजेब के दरबार से वापसी।
1674
रायगढ़ में राज्याभिषेक — शिवाजी बने छत्रपति।
1680
शिवाजी का निधन — इसके बाद उत्तराधिकार और मुगल संघर्ष का नया चरण।

5️⃣ शिवाजी का प्रशासन

अष्टप्रधान मंडल

शिवाजी की शासन व्यवस्था में अष्टप्रधान आठ प्रमुख पदाधिकारियों की परिषद थी। इसे आधुनिक अर्थ में पूर्ण मंत्रिमंडलीय व्यवस्था समझना उचित नहीं है, लेकिन यह शिवाजी के प्रशासनिक संगठन का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग था।

पद मुख्य कार्य याद रखने का संकेत
पेशवा / पंतप्रधान प्रधान मंत्री एवं सामान्य प्रशासन प्रधान
अमात्य / मजुमदार वित्त एवं लेखा अर्थ/खाता
सचिव राजकीय पत्र/दस्तावेज सचिवालय
मंत्री दरबारी/आंतरिक सूचनात्मक कार्य आंतरिक व्यवस्था
सेनापति सेना का नेतृत्व सेना
सुमंत / दबीर विदेशी संबंध/कूटनीति Foreign Affairs
न्यायाधीश न्यायिक कार्य न्याय
पंडितराव धार्मिक/दान-संबंधी कार्य धर्म
⚠️ WARNING: “अष्टप्रधान = आठ विभागों के आधुनिक कैबिनेट मंत्री” कहना अतिसरलीकरण है। परीक्षा में इसे शिवाजी की आठ प्रमुख पदों वाली प्रशासनिक परिषद के रूप में याद करें।

राजस्व व्यवस्था

शिवाजी ने भूमि-राजस्व को व्यवस्थित करने का प्रयास किया। भूमि की उपज और स्थिति का आकलन कर राजस्व निर्धारित करने पर जोर दिया गया। किसानों के साथ प्रशासनिक संपर्क को अधिक व्यवस्थित किया गया।

दुर्ग प्रशासन

मराठा शक्ति में किलों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका थी। किले रक्षा, रसद, प्रशासन और क्षेत्रीय नियंत्रण के केंद्र थे।

नौसेना

शिवाजी ने समुद्री तट की सुरक्षा और समुद्री शक्ति के महत्व को समझते हुए नौसैनिक क्षमता विकसित की। पश्चिमी तट पर समुद्री दुर्गों का रणनीतिक महत्व था।

सैन्य व्यवस्था

  • घुड़सवार सेना का महत्वपूर्ण स्थान।
  • किलों पर आधारित रक्षा व्यवस्था।
  • तेज गति और स्थानीय भूगोल का उपयोग।
  • अचानक आक्रमण और शीघ्र वापसी।
  • स्थानीय संसाधनों और सूचनाओं का उपयोग।

6️⃣ चauth एवं सरदेशमुखी

चauth

सामान्यतः संबंधित क्षेत्र के निर्धारित राजस्व का 1/4 अर्थात 25%

सरदेशमुखी

चauth के अतिरिक्त सामान्यतः 10% की लेवी।

मराठा शक्ति के विस्तार के दौरान ऐसे क्षेत्रों से भी ये वसूली की जाती थी जो हमेशा सीधे मराठा प्रशासन के अधीन नहीं थे। इसलिए इसे केवल “मराठा राज्य के अंदर का सामान्य भूमि-कर” समझना गलत होगा।

🔥 EXAM POINT:
Chauth = 25%
Sardeshmukhi = अतिरिक्त 10%
⚡ TRICK: “चौथ = चौथा हिस्सा = 25%”
“सरदेशमुखी = दस = 10%”

7️⃣ मुगल–मराठा संघर्ष

औरंगजेब और शिवाजी

शिवाजी और मुगल सत्ता के बीच संघर्ष समय-समय पर युद्ध, संधि और कूटनीति के रूप में चलता रहा। औरंगजेब के शासनकाल में दक्कन की राजनीति में मराठों का महत्व लगातार बढ़ता गया।

शिवाजी के बाद

1680 में शिवाजी की मृत्यु के बाद उनके पुत्र संभाजी ने नेतृत्व संभाला। औरंगजेब ने दक्कन में लंबे समय तक मुगल सैन्य अभियान चलाया। संभाजी को 1689 में मुगलों ने पकड़कर मृत्यु दंड दिया।

राजाराम और ताराबाई

संभाजी के बाद राजाराम ने प्रतिरोध जारी रखा। राजाराम की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी ताराबाई ने मराठा प्रतिरोध का नेतृत्व किया।

🎯 महत्वपूर्ण क्रम:
शिवाजी → संभाजी → राजाराम → ताराबाई के नेतृत्व में प्रतिरोध

मुगल–मराठा युद्ध का परिणाम

औरंगजेब का लंबे समय तक दक्कन में रहना मुगल संसाधनों पर भारी पड़ा। 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य की केंद्रीय शक्ति कमजोर हुई और मराठों ने पुनः तेजी से विस्तार किया।

8️⃣ पेशवा काल

शाहू के समय पेशवा पद का राजनीतिक महत्व तेजी से बढ़ा। बाद में पेशवा मराठा शक्ति के वास्तविक राजनीतिक नेतृत्व के प्रमुख केंद्र बन गए।

पेशवा महत्व Exam Focus
बालाजी विश्वनाथ पेशवा पद को मजबूत किया शाहू के समय
बाजीराव प्रथम तेज सैन्य विस्तार और उत्तर भारत की ओर मराठा प्रभाव “बाजीराव = विस्तार”
बालाजी बाजीराव (नाना साहेब) मराठा शक्ति का व्यापक विस्तार 1761 पानीपत
माधवराव प्रथम पानीपत के बाद मराठा शक्ति के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण पुनरुत्थान
बाजीराव द्वितीय अंतिम पेशवा; ब्रिटिश के साथ संघर्ष और 1818 में मराठा शक्ति का पतन आंग्ल–मराठा युद्ध

बालाजी विश्वनाथ

बालाजी विश्वनाथ ने शाहू की स्थिति मजबूत करने और मराठा राजनीति को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पेशवा पद का प्रभाव बढ़ने की प्रक्रिया उनके समय में स्पष्ट हुई।

बाजीराव प्रथम

बाजीराव प्रथम को मराठा साम्राज्य के सबसे प्रभावशाली सैन्य नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने मराठा शक्ति को दक्कन से बाहर उत्तर भारत की दिशा में विस्तारित किया।

🔥 EXAM POINT: बाजीराव प्रथम का संबंध 1720–1740 के पेशवा काल से है। उन्हें तेज सैन्य गतिशीलता और उत्तर भारत में मराठा प्रभाव बढ़ाने के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है।

बालाजी बाजीराव

बालाजी बाजीराव के समय मराठा प्रभाव बहुत व्यापक हुआ, लेकिन 1761 का तृतीय पानीपत युद्ध मराठा विस्तार के लिए गंभीर झटका साबित हुआ।

माधवराव प्रथम

पानीपत के बाद माधवराव प्रथम ने मराठा शक्ति को पुनर्गठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसलिए परीक्षा में “पानीपत के बाद मराठा पुनरुत्थान” के संदर्भ में उनका नाम महत्वपूर्ण है।

9️⃣ मराठा संघ (Maratha Confederacy)

18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मराठा राजनीतिक व्यवस्था अधिक संघात्मक स्वरूप में विकसित हुई। पेशवा सर्वोच्च राजनीतिक केंद्र थे, लेकिन शक्तिशाली मराठा सरदारों के अपने-अपने क्षेत्र और हित थे।

मराठा घराना प्रमुख क्षेत्र/केंद्र Exam Association
सिंधिया / शिंदे ग्वालियर; उत्तर भारत में प्रभाव महादजी सिंधिया
होलकर इंदौर मल्हारराव होलकर
गायकवाड़ बड़ौदा (वडोदरा) गुजरात
भोंसले नागपुर नागपुर शाखा
पेशवा पुणे केंद्रीय राजनीतिक नेतृत्व
⚡ MATCHING TRICK:
“हो-इंदौर, गा-बड़ौदा, भो-नागपुर, सिं-ग्वालियर”
होलकर → इंदौर | गायकवाड़ → बड़ौदा | भोंसले → नागपुर | सिंधिया → ग्वालियर

महादजी सिंधिया

महादजी सिंधिया ने उत्तर भारत में मराठा प्रभाव को पुनः स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिल्ली की राजनीति में सिंधिया शक्ति का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।

नाना फड़नवीस

नाना फड़नवीस मराठा राजनीति के प्रमुख राजनयिक और प्रशासक थे। वे विशेष रूप से 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध की मराठा राजनीति में महत्वपूर्ण हैं।

🔟 प्रमुख युद्ध एवं संधियाँ

वर्ष घटना महत्व
1659 प्रतापगढ़/अफजल खाँ प्रकरण शिवाजी की शक्ति में वृद्धि
1664 सूरत पर आक्रमण मुगल व्यापारिक केंद्र पर मराठा हमला
1665 पुरंदर की संधि शिवाजी–मुगल समझौता
1674 शिवाजी का राज्याभिषेक रायगढ़
1680 शिवाजी की मृत्यु उत्तराधिकार का नया चरण
1737 दिल्ली क्षेत्र में बाजीराव प्रथम का अभियान मुगल सत्ता पर मराठा दबाव
1761 तृतीय पानीपत युद्ध मराठा विस्तार को गंभीर झटका
1775–1782 प्रथम आंग्ल–मराठा युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त
1803–1805 द्वितीय आंग्ल–मराठा युद्ध ब्रिटिश प्रभाव में वृद्धि
1817–1818 तृतीय आंग्ल–मराठा युद्ध मराठा राजनीतिक शक्ति का निर्णायक पतन

तृतीय पानीपत का युद्ध — 14 जनवरी 1761

मराठा सेना और अहमद शाह दुर्रानी (अब्दाली) के नेतृत्व वाले अफगान गठबंधन के बीच पानीपत में निर्णायक युद्ध हुआ। मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ ने किया।

⚠️ EXAM TRAP:
पानीपत का प्रथम युद्ध — 1526 — बाबर बनाम इब्राहिम लोदी
पानीपत का द्वितीय युद्ध — 1556 — अकबर की सेना/बैरम खाँ बनाम हेमू
पानीपत का तृतीय युद्ध — 1761 — मराठा बनाम अहमद शाह दुर्रानी

तृतीय आंग्ल–मराठा युद्ध और पतन

1817–1818 के संघर्ष के बाद पेशवा की राजनीतिक सत्ता समाप्त हुई और मराठा शक्ति पर ब्रिटिश प्रभुत्व निर्णायक हो गया।

🧭 मराठा काल की Master Chronology

1630
शिवाजी का जन्म — प्रचलित/मानक परीक्षा-तिथि।
1659
अफजल खाँ की पराजय।
1664
सूरत पर पहला प्रमुख आक्रमण।
1665
पुरंदर की संधि।
1666
आगरा की घटना।
1674
शिवाजी का राज्याभिषेक।
1680
शिवाजी का निधन।
1689
संभाजी की मृत्यु।
1707
औरंगजेब की मृत्यु; मराठा शक्ति के पुनरुत्थान का अवसर।
1720
बाजीराव प्रथम पेशवा बने।
1740
बाजीराव प्रथम का निधन।
1761
तृतीय पानीपत युद्ध।
1771
पानीपत के बाद उत्तर भारत में मराठा प्रभाव पुनः स्थापित करने का अभियान।
1818
तृतीय आंग्ल–मराठा युद्ध के बाद पेशवा सत्ता का अंत।

1️⃣1️⃣ मराठा संस्कृति, समाज और स्थापत्य

स्थापत्य

  • किले मराठा स्थापत्य और सैन्य संस्कृति का महत्वपूर्ण भाग थे।
  • रायगढ़, प्रतापगढ़, सिंहगढ़, राजगढ़ आदि दुर्ग ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
  • समुद्री दुर्गों ने पश्चिमी तट की सुरक्षा में योगदान दिया।

साहित्य और भाषा

मराठी भाषा और साहित्य का मराठा राजनीतिक-सांस्कृतिक विकास से गहरा संबंध रहा। प्रशासन और स्थानीय सामाजिक जीवन में मराठी का महत्व था।

भक्ति परंपरा और मराठा क्षेत्र

महाराष्ट्र में भक्ति परंपरा की समृद्ध पृष्ठभूमि थी। तुकाराम जैसे संत शिवाजी के समकालीन थे। यह तथ्य UPSSSC PET में सीधे पूछा जा चुका है।

🔥 EXAM POINT: शिवाजी के समकालीन संत — तुकाराम

🧠 Important Personalities

शिवाजी

मराठा राज्य के संस्थापक और प्रमुख शासक।

शाहजी भोंसले

शिवाजी के पिता।

जीजाबाई

शिवाजी की माता।

संभाजी

शिवाजी के उत्तराधिकारी; मुगलों से संघर्ष।

राजाराम

संभाजी के बाद मराठा प्रतिरोध का नेतृत्व।

ताराबाई

राजाराम की मृत्यु के बाद प्रभावी नेतृत्व।

बालाजी विश्वनाथ

शाहू के समय प्रभावशाली पेशवा।

बाजीराव प्रथम

मराठा विस्तार के प्रमुख सैन्य नेता।

बालाजी बाजीराव

तृतीय पानीपत के समय पेशवा।

माधवराव प्रथम

पानीपत के बाद मराठा पुनरुत्थान।

महादजी सिंधिया

उत्तर भारत में मराठा प्रभाव।

नाना फड़नवीस

मराठा राजनीति के प्रमुख राजनयिक।

📝 SOLVED QUESTIONS

Q1. शिवाजी का राज्याभिषेक किस वर्ष हुआ?🟢 BASIC
A) 1665
B) 1666
C) 1674
D) 1680

✅ Correct Answer: C) 1674

उत्तर एवं Explanation
1674 में रायगढ़ में शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ। 1665 पुरंदर की संधि और 1680 शिवाजी की मृत्यु से संबंधित है।
Q2. अष्टप्रधान मंडल में कुल कितने प्रमुख पद थे?🟢 BASIC
A) 6
B) 8
C) 10
D) 12

✅ Correct Answer: B) 8

उत्तर एवं Explanation
अष्टप्रधान का शाब्दिक अर्थ आठ प्रमुखों/प्रधानों की परिषद है।
Q3. चauth सामान्यतः कितने प्रतिशत के बराबर थी?🟡 MEDIUM
A) 10%
B) 20%
C) 25%
D) 50%

✅ Correct Answer: C) 25%

उत्तर एवं Explanation
चauth = चौथा हिस्सा = 1/4 = 25%। इसके अतिरिक्त सरदेशमुखी सामान्यतः 10% की लेवी थी।
Q4. तृतीय पानीपत युद्ध किस वर्ष हुआ?🟢 BASIC
A) 1526
B) 1556
C) 1761
D) 1818

✅ Correct Answer: C) 1761

उत्तर एवं Explanation
14 जनवरी 1761 को मराठों और अहमद शाह दुर्रानी के नेतृत्व वाले अफगान गठबंधन के बीच तृतीय पानीपत युद्ध हुआ।

1️⃣2️⃣ VERIFIED UPSSSC PET PYQ

🔎 PYQ Accuracy Note:

नीचे केवल वे प्रश्न रखे गए हैं जिनके परीक्षा-वर्ष/पेपर-संदर्भ का उपलब्ध स्रोत से सत्यापन किया जा सका। जहां किसी प्रश्न का वास्तविक प्रश्न-पत्र संदर्भ स्पष्ट नहीं मिला, उसे PYQ नहीं कहा गया है।

PYQ 1 — UPSSSC PET 2021 🟡 MEDIUM

प्रश्न: निम्न में से कौन से संत शिवाजी के समकालीन थे?

A) तुकाराम
B) चैतन्य
C) नामदेव
D) शंकराचार्य

✅ Correct Answer: A) तुकाराम

Detailed Explanation
तुकाराम 17वीं शताब्दी के प्रमुख संत थे और शिवाजी के काल के समकालीन थे। चैतन्य, नामदेव और शंकराचार्य उनसे अलग पूर्ववर्ती काल से संबंधित हैं।

Concept: कालक्रम और भक्ति आंदोलन।
Trick: शिवाजी = 17वीं शताब्दी → तुकाराम = 17वीं शताब्दी।
PYQ 2 — UPSSSC PET 2023, 29 October, Shift 1 🟠 HARD

प्रश्न: निम्नलिखित मराठा प्रमुखों का उनके क्षेत्रों के संबंध से मिलान करें:

(i) सिंधिया   (ii) होलकर   (iii) गायकवाड़   (iv) भोंसले

(a) इंदौर   (b) नागपुर   (c) उज्जैन   (d) बड़ौदा

A) (i)-(a), (ii)-(b), (iii)-(c), (iv)-(d)
B) (i)-(c), (ii)-(a), (iii)-(d), (iv)-(b)
C) (i)-(d), (ii)-(a), (iii)-(b), (iv)-(c)
D) (i)-(b), (ii)-(c), (iii)-(a), (iv)-(d)

✅ Correct Answer: B) (i)-(c), (ii)-(a), (iii)-(d), (iv)-(b)

Detailed Explanation
सिंधिया — उज्जैन, होलकर — इंदौर, गायकवाड़ — बड़ौदा, भोंसले — नागपुर। यह प्रश्न मराठा संघ के प्रमुख घरानों और उनके क्षेत्रों की पहचान पर आधारित है।

Trick: हो-इंदौर, गा-बड़ौदा, भो-नागपुर, सिं-उज्जैन।
PYQ 3 — UPSSSC PET 2023, 28 October, Shift 1 🟠 HARD

प्रश्न: शिवाजी की मृत्यु के बाद मराठा राज्य में प्रभावी शक्ति चितपावन ब्राह्मण परिवार के पास थी, जो पेशवा के रूप में कार्य करता था। मराठा साम्राज्य की राजधानी कौन-सा शहर बना?

A) सतारा
B) नागपुर
C) नासिक
D) पूना (पुणे)

✅ Correct Answer: D) पूना (पुणे)

Detailed Explanation
पेशवाओं के प्रभाव बढ़ने के साथ पुणे मराठा राजनीति का प्रमुख केंद्र बना। इस प्रश्न में प्रश्नकर्ता ने चितपावन ब्राह्मण पेशवा परिवार और राजधानी/राजनीतिक केंद्र के संदर्भ को जोड़ा है।

🎯 PYQ Pattern Based Important Questions

Q1. निम्न में से किसे शिवाजी के प्रशासन में वित्त से संबंधित पद माना जाता है?🟡 MEDIUM
A) अमात्य
B) सेनापति
C) सुमंत
D) पंडितराव

✅ Answer: A) अमात्य

Q2. पुरंदर की संधि किस वर्ष हुई?🟢 BASIC
A) 1659
B) 1665
C) 1674
D) 1680

✅ Answer: B) 1665

Q3. निम्न में से कौन-सा युग्म सही है?🟠 HARD
A) होलकर — नागपुर
B) भोंसले — बड़ौदा
C) गायकवाड़ — बड़ौदा
D) सिंधिया — इंदौर

✅ Answer: C) गायकवाड़ — बड़ौदा

Q4. तृतीय पानीपत युद्ध में मराठा सेना का नेतृत्व किसने किया?🟡 MEDIUM
A) बाजीराव प्रथम
B) सदाशिवराव भाऊ
C) माधवराव प्रथम
D) महादजी सिंधिया

✅ Answer: B) सदाशिवराव भाऊ

Q5. मराठा शक्ति के पुनरुत्थान में पानीपत के बाद किस पेशवा की महत्वपूर्ण भूमिका रही?🟠 HARD
A) बालाजी विश्वनाथ
B) बाजीराव प्रथम
C) माधवराव प्रथम
D) बाजीराव द्वितीय

✅ Answer: C) माधवराव प्रथम

1️⃣3️⃣ PRACTICE QUESTIONS

Q1. शिवाजी के पिता कौन थे?🟢 BASIC
A) शाहजी भोंसले
B) मालोजी भोंसले
C) संभाजी
D) राजाराम

उत्तर: A

Q2. शिवाजी का राज्याभिषेक किस स्थान पर हुआ?🟢 BASIC
A) पुणे
B) रायगढ़
C) प्रतापगढ़
D) सतारा

उत्तर: B

Q3. शिवाजी की अष्टप्रधान परिषद में विदेश नीति से संबंधित प्रमुख पद कौन-सा था?🟡 MEDIUM
A) सुमंत
B) अमात्य
C) सेनापति
D) न्यायाधीश

उत्तर: A

Q4. सरदेशमुखी सामान्यतः कितने प्रतिशत की अतिरिक्त लेवी थी?🟡 MEDIUM
A) 5%
B) 10%
C) 15%
D) 25%

उत्तर: B

Q5. पुरंदर की संधि किस मुगल सेनापति के अभियान से जुड़ी थी?🟡 MEDIUM
A) मानसिंह
B) जयसिंह
C) टोडरमल
D) बैरम खाँ

उत्तर: B

Q6. 1761 के तृतीय पानीपत युद्ध में मराठों का सामना किससे हुआ?🟢 BASIC
A) नादिर शाह
B) अहमद शाह दुर्रानी
C) शेरशाह
D) इब्राहिम लोदी

उत्तर: B

Q7. निम्न में से कौन-सा युग्म गलत है?🟠 HARD
A) होलकर — इंदौर
B) गायकवाड़ — बड़ौदा
C) भोंसले — नागपुर
D) सिंधिया — इंदौर

उत्तर: D

Q8. शिवाजी के समकालीन संत कौन थे?🟢 BASIC
A) कबीर
B) तुकाराम
C) रामानंद
D) नामदेव

उत्तर: B

Q9. बाजीराव प्रथम किस रूप में प्रसिद्ध हैं?🟡 MEDIUM
A) मुगल सम्राट
B) मराठा पेशवा और सैन्य विस्तारक
C) मराठा न्यायाधीश
D) बीजापुर सुल्तान

उत्तर: B

Q10. 1817–1818 का संघर्ष किस नाम से जाना जाता है?🟡 MEDIUM
A) प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
B) द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
C) तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध
D) मैसूर युद्ध

उत्तर: C

Q11. अष्टप्रधान में सेना से संबंधित पद कौन-सा था?🟢 BASIC
A) सेनापति
B) अमात्य
C) सुमंत
D) सचिव

उत्तर: A

Q12. निम्न में सही कालक्रम कौन-सा है?🟠 HARD
A) राज्याभिषेक → पुरंदर → सूरत → आगरा
B) सूरत → पुरंदर → आगरा → राज्याभिषेक
C) आगरा → सूरत → पुरंदर → राज्याभिषेक
D) पुरंदर → सूरत → राज्याभिषेक → आगरा

उत्तर: B

Q13. पानीपत के बाद मराठा शक्ति को पुनर्गठित करने में कौन प्रमुख था?🟠 HARD
A) माधवराव प्रथम
B) शिवाजी
C) बालाजी विश्वनाथ
D) राजाराम

उत्तर: A

Q14. चauth का शाब्दिक संबंध किससे याद रखना सबसे उपयोगी है?🟢 BASIC
A) आधा
B) चौथा हिस्सा
C) दसवां हिस्सा
D) पूरा राजस्व

उत्तर: B

Q15. मराठा शक्ति के संदर्भ में पुणे का महत्व किससे सबसे अधिक जुड़ा है?🟡 MEDIUM
A) पेशवा राजनीतिक केंद्र
B) मुगल राजधानी
C) विजयनगर राजधानी
D) बंगाल की राजधानी

उत्तर: A

Answer Key

1-A | 2-B | 3-A | 4-B | 5-B | 6-B | 7-D | 8-B | 9-B | 10-C | 11-A | 12-B | 13-A | 14-B | 15-A

Detailed Solutions — Important Questions

Q7: सिंधिया का प्रमुख संबंध ग्वालियर/उत्तर भारत से है; इंदौर का संबंध होलकर घराने से है। इसलिए D गलत युग्म है।

Q12: 1664 सूरत → 1665 पुरंदर → 1666 आगरा → 1674 राज्याभिषेक। इसलिए B सही है।

Q13: 1761 के बाद माधवराव प्रथम ने मराठा शक्ति को पुनर्गठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

1️⃣4️⃣ ADVANCED LEVEL

Q1. कथन आधारित प्रश्न🔴 ADVANCED

कथन 1: चauth मराठा राज्य के सामान्य भूमि-राजस्व का दूसरा नाम था।
कथन 2: चauth सामान्यतः अन्य क्षेत्रों के राजस्व का चौथा हिस्सा मांगने से संबंधित थी।

A) केवल कथन 1 सही
B) केवल कथन 2 सही
C) दोनों सही
D) दोनों गलत

✅ Answer: B

Explanation
चauth को केवल सामान्य आंतरिक भूमि-राजस्व समझना गलत है। यह मराठा शक्ति द्वारा अन्य क्षेत्रों से मांगी जाने वाली चौथाई हिस्से की लेवी से संबंधित थी।
Q2. निम्नलिखित में सही कालक्रम चुनिए:🔴 ADVANCED

1. पुरंदर की संधि
2. शिवाजी का राज्याभिषेक
3. तृतीय पानीपत युद्ध
4. तृतीय आंग्ल–मराठा युद्ध

A) 1-2-3-4
B) 2-1-3-4
C) 1-3-2-4
D) 3-1-2-4

✅ Answer: A

Q3. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?🔴 ADVANCED
A) शिवाजी का राज्याभिषेक 1665 में हुआ।
B) पुरंदर की संधि 1674 में हुई।
C) तृतीय पानीपत युद्ध 1761 में हुआ।
D) तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध 1761 में हुआ।

✅ Answer: C

Q4. Assertion–Reason🔴 ADVANCED

Assertion (A): मराठा शक्ति ने 18वीं शताब्दी में उत्तर भारत में अपना प्रभाव बढ़ाया।
Reason (R): पेशवाओं के समय मराठा सैन्य और राजनीतिक शक्ति का विस्तार दक्कन से बाहर हुआ।

A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
B) A और R दोनों सही हैं लेकिन R सही व्याख्या नहीं है
C) A सही, R गलत
D) A गलत, R सही

✅ Answer: A

Q5. निम्न में कौन-सा Pair सही नहीं है?🟠 HARD
A) होलकर — इंदौर
B) भोंसले — नागपुर
C) गायकवाड़ — बड़ौदा
D) सिंधिया — नागपुर

✅ Answer: D

1️⃣5️⃣ COMMON MISTAKES

❌ गलत:
शिवाजी का राज्याभिषेक 1665 में हुआ।
✅ सही:
शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 में हुआ।
❌ गलत:
पुरंदर की संधि 1674 में हुई।
✅ सही:
पुरंदर की संधि 1665 में हुई।
❌ गलत:
चauth = 10%
✅ सही:
चauth = 25%; सरदेशमुखी = अतिरिक्त 10%।
❌ गलत:
होलकर = बड़ौदा
✅ सही:
होलकर = इंदौर; गायकवाड़ = बड़ौदा।
❌ गलत:
भोंसले = इंदौर
✅ सही:
भोंसले = नागपुर।
❌ गलत:
तृतीय पानीपत युद्ध 1818 में हुआ।
✅ सही:
तृतीय पानीपत युद्ध = 1761; तृतीय आंग्ल–मराठा युद्ध = 1817–1818।
❌ गलत:
अष्टप्रधान में केवल सैन्य अधिकारी थे।
✅ सही:
अष्टप्रधान में प्रशासन, वित्त, न्याय, विदेश, सेना और धार्मिक कार्यों से जुड़े पद थे।

1️⃣6️⃣ UPSSSC PET EXAM STRATEGY

पहले कौन से Topics करें?

  1. शिवाजी और उनकी प्रमुख घटनाएं
  2. अष्टप्रधान मंडल
  3. चauth एवं सरदेशमुखी
  4. पेशवा और प्रमुख पेशवा
  5. मराठा सरदारों के क्षेत्र
  6. तृतीय पानीपत युद्ध
  7. आंग्ल–मराठा युद्ध
  8. Chronology और Matching

Time Management

  • सीधे तथ्य वाले प्रश्न पहले करें।
  • Matching/Chronology में पहले निश्चित युग्म बनाएं।
  • बहुत लंबे Statement प्रश्न में प्रत्येक कथन अलग-अलग जांचें।
  • तारीखों में 1665, 1674, 1761 और 1818 को विशेष रूप से याद रखें।
⚡ 4-DATE REVISION TRICK:
1665 → पुरंदर
1674 → राज्याभिषेक
1761 → पानीपत III
1818 → मराठा राजनीतिक शक्ति का निर्णायक अंत

Option Elimination

यदि प्रश्न में “गायकवाड़–बड़ौदा”, “होलकर–इंदौर”, “भोंसले–नागपुर” जैसे स्पष्ट संबंध दिखाई दें, तो पहले उन्हें लॉक करें। Matching questions में एक निश्चित युग्म कई गलत विकल्पों को तुरंत हटाने में मदद करता है।

1️⃣7️⃣ QUICK REVISION BOX

✍️ 30-Second Revision

  • मराठा राज्य के प्रमुख संस्थापक — छत्रपति शिवाजी
  • पिता — शाहजी भोंसले
  • माता — जीजाबाई
  • शिवाजी का राज्याभिषेक — 1674
  • राज्याभिषेक स्थल — रायगढ़
  • प्रमुख प्रशासनिक परिषद — अष्टप्रधान
  • चauth — 25%
  • सरदेशमुखी — अतिरिक्त 10%
  • पुरंदर की संधि — 1665
  • सूरत पर प्रमुख आक्रमण — 1664
  • शिवाजी का निधन — 1680
  • संभाजी — शिवाजी के उत्तराधिकारी
  • राजाराम — संभाजी के बाद
  • ताराबाई — मराठा प्रतिरोध की प्रमुख नेता
  • पेशवा — प्रधान मंत्री पद
  • बाजीराव प्रथम — मराठा विस्तार
  • बालाजी बाजीराव — तृतीय पानीपत के समय पेशवा
  • माधवराव प्रथम — पानीपत के बाद पुनरुत्थान
  • सिंधिया — ग्वालियर/उत्तर भारत
  • होलकर — इंदौर
  • गायकवाड़ — बड़ौदा
  • भोंसले — नागपुर
  • तृतीय पानीपत — 1761
  • मराठा बनाम अहमद शाह दुर्रानी — पानीपत III
  • तृतीय आंग्ल–मराठा युद्ध — 1817–1818

🏅 FINAL REVISION BOX — TOP 30 EXAM POINTS

शिवाजी मराठा राज्य के प्रमुख संस्थापक थे।
शिवाजी के पिता शाहजी भोंसले थे।
शिवाजी की माता जीजाबाई थीं।
शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 में हुआ।
राज्याभिषेक रायगढ़ में हुआ।
शिवाजी ने छत्रपति की उपाधि धारण की।
अष्टप्रधान में आठ प्रमुख पद थे।
पेशवा = प्रधान मंत्री।
अमात्य = वित्त/लेखा से संबंधित।
सेनापति = सैन्य नेतृत्व।
सुमंत = विदेश/कूटनीतिक कार्य।
न्यायाधीश = न्यायिक कार्य।
पंडितराव = धार्मिक/दान संबंधी कार्य।
चauth = सामान्यतः 25%।
सरदेशमुखी = अतिरिक्त 10%।
पुरंदर की संधि = 1665।
पुरंदर अभियान का नेतृत्व जयसिंह ने किया।
शिवाजी की आगरा घटना = 1666।
शिवाजी का निधन = 1680।
संभाजी शिवाजी के उत्तराधिकारी बने।
राजाराम ने बाद के प्रतिरोध में नेतृत्व किया।
ताराबाई ने मराठा प्रतिरोध का नेतृत्व किया।
बाजीराव प्रथम प्रमुख विस्तारवादी पेशवा थे।
बालाजी बाजीराव के समय 1761 का पानीपत हुआ।
माधवराव प्रथम ने पानीपत के बाद मराठा शक्ति को पुनर्गठित किया।
होलकर = इंदौर।
गायकवाड़ = बड़ौदा।
भोंसले = नागपुर।
सिंधिया = ग्वालियर/उत्तर भारत।
1817–1818 के बाद पेशवा सत्ता का निर्णायक अंत हुआ।
🔥 LAST-MINUTE EXAM FORMULA:

1665 = पुरंदर1674 = राज्याभिषेक1761 = पानीपत III1818 = मराठा सत्ता का अंत

हो = इंदौर | गा = बड़ौदा | भो = नागपुर | सिं = ग्वालियर

📌 One-Page Mind Map

शिवाजी

स्वराज्य + दुर्ग + गतिशील युद्धनीति

अष्टप्रधान + राजस्व व्यवस्था + नौसैनिक शक्ति

1674 राज्याभिषेक

संभाजी → राजाराम → ताराबाई

शाहू के समय पेशवाओं का उदय

बालाजी विश्वनाथ → बाजीराव प्रथम → बालाजी बाजीराव

1761 तृतीय पानीपत

माधवराव प्रथम द्वारा पुनरुत्थान

सिंधिया + होलकर + गायकवाड़ + भोंसले

आंग्ल–मराठा संघर्ष

1817–1818 → मराठा राजनीतिक शक्ति का निर्णायक पतन
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